फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदूमलकोट बार्डर पर पाक रेंजरों ने किया भारतीय किसानों पर फायर

विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदूमलकोट बार्डर पर पाक रेंजरों ने की फायरिंग
विज्ञापन

सीमा पार खेतों में काम करने गए किसानों ने बीएसएफ को दी शिकायत
शिकार के लिए की गई थी फायरिंग, फिर भी चौकसी बढ़ाई : डीआईजी
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर शनिवार सुबह हिंदूमलकोट सीमा क्षेत्र में फायरिंग होने से दहशत फैल गई। वहां काम कर रहे भारतीय किसानों ने जमीन पर लेट कर अपनी जान बचाई। मामले की सूचना मिलते ही सीमा सुरक्षा बल के आईजी बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। जोधपुर में बीएसएफ के डीआईजी रवि गांधी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी क्षेत्र में पक्षियों के शिकार के लिए फायरिंग हुई है। पाक शेखों द्वारा शिकार के चलते गोली चलाई गई, लेकिन इसके बावजूद सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह से मुस्तैद है।
एसपी हेमंत शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 10:55 बजे हिंदूमलकोट बॉर्डर पर पिल्लर नं. 278/03 एस के पास किसान सुखदेव सिंह और हरदेव सिंह अपने दो मजदूरों के साथ तारबंदी के उस तरफ अपने खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान जिप्सी पर आए पाक रेंजरों ने राइफल से फायर कर दिया। पहले से ही प्रशिक्षित किसान और मजदूर जमीन पर लेट गए। गोली की आवाज सुनते ही सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवान सतर्क हो गए लेकिन तब तक पाक रेंजर वहां से चले गए। किसानों ने मामले की जानकारी सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों को दी। पुलिस के अनुसार गोली चलने से कोई किसान घायल नहीं हुआ है और न ही इस संबंध में सीमा सुरक्षा बल ने कोई रिपोर्ट दर्ज करवाई। पाक रेंजरों की इस हरकत से कंटीली तार के पार जमीन में काश्त करने वाले किसानों में भय पाया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल ने बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी कर दी वहीं है। इसके अलावा तारबंदी के पार काम करने जाने वाले किसानों को एहतियात बरतने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलवामा हमले के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के बीच बॉर्डर पर फायरिंग होने से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। सीमा सुरक्षा बल के उच्चाधिकारियों ने भी बॉर्डर पर तैनात अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। हिंदूमलकोट क्षेत्र के किसान हर रोज बीएसएफ की निगरानी में तारबंदी के पार अपनी जमीन पर काश्त करने जाते हैं। इस दौरान बीएसएफ के जवान और पाक रेंजर भी अपने-अपने एरिया में वाहनों में घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें