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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ भी एसएसपी शिव शर्मा ने किया था मामला दर्ज

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मुख्यमंत्री कैप्टन के खिलाफ भी एसएसपी शिव शर्मा ने किया था मामला दर्ज
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शर्मा ने लगाए आरोप- थाना सदर बुलाकर बेइज्जत करना चाहती है पुलिस
दो दिन फिरोजपुर में जांच के लिए आए लेकिन कोई पुलिस अधिकारी नहीं मिला
शर्मा ने कई हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ दर्ज किए थे केस और कई को किया गिरफ्तार
शर्मा ने कहा सियासी रंजिश के तहत फंसाया जा रहा
अनिल कुमार
फिरोजपुर। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा कई हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ मैंने केस दर्ज किए थे। वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक एसएसपी विजिलेंस पटियाला रहा हूं। सियासी रंजिश के तहत मुझे परेशान किया जा रहा है। ये बातें पूर्व एसएसपी शिव कुमार शर्मा ने शनिवार फिरोजपुर में अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहीं।
शर्मा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर फिरोजपुर में पुलिस जांच में पेश होने आया हूं, कोई भी अधिकारी उन्हें नहीं मिला है। शर्मा ने कहा कि 26 जुलाई को डीएसपी भूपिंदर सिंह ने पूछताछ वास्ते कमरा नंबर-104 में बुलाया था। भूपिंदर सिंह भी नहीं मिले थे। उसके बाद 28 जुलाई को सुबह दस बजे एसपी (एच) अमरजीत सिंह ने जांच के लिए बुलाया था। शर्मा ने कहा कि सुबह पौने दस बजे अपने वकील के साथ फिरोजपुर एसएसपी दफ्तर पहुंच गया था, लेकिन कोई भी अधिकारी उनसे पूछताछ करने नहीं आया। थाना सदर के एसएचओ का टेलीफोन आया कि थाना सदर आ जाओ। शर्मा ने कहा कि मैं थाना सदर नहीं जाना चाहता, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उन्हें कमरा नंबर-104 में जाने को कहा गया था। पुलिस उसे थाना सदर बुलाकर टार्चर करना चाहती है। एक सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा कि वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक एसएसपी विजिलेंस पटियाला रहे हैं। उस समय शर्मा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके अलावा सलाहकार बीएस चहल, रवि सिद्धू व डीजीपी विरक को गिरफ्तार किया था। इसी बात की उनके साथ रंजिश निकाली जा रही है। शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ लगे सभी आरोप बेबुनियाद है।
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20 रुपये सरकारी फीस लेने पर बढ़ा था मामला
वर्ष 2009 में फतेहगढ़ साहब में सोहन सिंह पटवारी थे। फतेहगढ़ साहब में एसएसपी शिव शर्मा की जमीन थी। जमीन की जमाबंदी के लिए सोहन सिंह ने शर्मा से बीस रुपये सरकारी फीस मांगी थी, इसी बात से शर्मा खफा होकर सोहन से बदला लेना चाहता था। फिरोजपुर के गांव मल्लांवाला में कोई जमीन घोटाला था। वर्ष 2012 में शर्मा बतौर एसएसपी विजिलेंस पटियाला में थे। शर्मा ने अपने अधिकारियों के साथ मिलकर किसी तरह मल्लांवाला जमीन घोटाले में सोहन का नाम शामिल कर दिया और 18 फरवरी 2012 को सोहन को उसके घर से पुलिस ने उठा लिया। सोहन की पगड़ी उतराने के अलावा उसका गातरा भी उतार दिया था। यही नहीं एक पुलिस वाले के कपड़े उतराकर सोहन के साथ बदसलूकी की एक वीडियो तैयार की गई थी। अकाली सरकार के दौरान इस मामले की जांच हुई, लेकिन थाना सदर फिरोजपुर में बनारसी दास नामक पर मामला दर्ज हुआ, जो गलत था। इसके बाद सोहन सिंह ने 23 मई 2017 को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को शिकायत दी। केस की दोबारा सुनवाई हुई। उसके बाद एसएसपी शिव कुमार शर्मा और उनके अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

फोटो संख्या-28एफजेडआरपी05 व 06
कैप्शन--फिरोजपुर एसएसपी दफ्तर में एसएसपी शिव कुमार शर्मा बातचीत करते हुए
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