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कोटकपूरा गोलीकांड-पूर्व विधायक मनतार बराड़ ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका

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कोटकपूरा कांड-पूर्व विधायक मनतार बराड़ ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका
जिला अदालत का सरकार को नोटिस, सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
बरगाड़ी बेअदबी मामले से सम्बंधित कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में नामजद कोटकपूरा के पूर्व विधायक व शिअद जिलाध्यक्ष मनतार सिंह बराड़ ने बुधवार को यहां की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी। इस याचिका के आधार जिला व सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है और सुनवाई के लिए 19 मार्च 2019 की तारीख तय की है।
जानकारी के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने कोटकपूरा की घटना में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को नामजद किया है और इस बात की जानकारी एसआईटी ने 6 मार्च 2019 को जिला अदालत में पूर्व विधायक की ब्लैंकेट बेल याचिका की सुनवाई के दौरान दी थी। केस में नामजद करने से पहले एसआईटी उनसे दो बार पूछताछ कर चुकी थी और अपनी गिरफ्तारी होने की आशंका के चलते मनतार बराड़ ने जिला अदालत में ब्लैंकेट बेल याचिका भी दायर की थी। केस में नामजद किए जाने के चलते अब मनतार सिंह बराड़ ने जिला अदालत के पास अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
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मनतार सिंह बराड़ के दबाब में थी पुलिस: एसआईटी
उधर, एसआईटी द्वारा पूर्व विधायक की ब्लैंकेट बेल याचिका की सुनवाई के दौरान 5 मार्च 2019 को जिला अदालत में दायर स्टेटस रिपोर्ट में हुए खुलासे से मनतार सिंह बराड़ घिर गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार गोलीकांड की घटनाओं से पहले और बाद में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़, एसएचओ से लेकर डीजीपी स्तर के अधिकारियों के साथ फोन पर संपर्क में थे और उनके दबाव के चलते ही ना तो घायलों का ईलाज करवाया गया और ना ही उनकी एमएलआर पर कानूनी कार्रवाई की गई। गोलीकांड की घटना से एक दिन 13 अक्टूबर 2015 को शाम 5 बजे से लेकर गोलीकांड वाले दिन 14 अक्टूबर 2015 को दोपहर 1 बजे तक मनतार सिंह बराड़ ने कुल 157 फोन कॉल्स किए थे जिसमें से 102 कॉल्स को 13 अक्टूबर की रात 8 बजे से 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक की गई। उन्होंने घटनाओं के दोनों थाना क्षेत्रों के प्रभारियों से भी दो दो बार बात की थी। इसके अलावा उनके द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्पेशल प्रिंसिपल सचिव गगनदीप सिंह बराड़ से एक बार, उनके ओएसडी गुरचरण सिंह से पांच बार, डीजीपी से तीन बार बात की गई। वह डीएसपी कोटकपूरा, एसएसपी व डीसी फरीदकोट समेत तत्कालीन कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा के साथ साथ उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के ओएसडी हैप्पी के साथ भी संपर्क में थे। एसआईटी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड के मुख्य गवाह अजीत सिंह का 45 दिन तक डीएमसी लुधियाना में ईलाज हुआ और थाना सिटी कोटकपूरा के एएसआई बलवंत सिंह व थाना प्रभारी एसआई गुरदीप सिंह द्वारा उसके बयान भी लिखे थे, लेकिन दबाव के चलते पुलिस ने कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा। हालांकि मनतार बराड़ घटना वाले मुख्यमंत्री से बात होने की बात से इंकार करते रहे हैं, लेकिन एसआईटी के पास तत्कालीन एसडीएम फरीदकोट वीके सियाल ने मनतार बराड़ की मुख्यमंत्री से बात होने का दावा किया था और वह अपने इस बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अदालत के पास भी दर्ज करा चुके हैं। उधर, अपनी स्टेटस रिपोर्ट लीक होने को लेकर एसआईटी सकते में है। चूंकि एसआईटी ने सीलबंद रिपोर्ट जिला अदालत को सौंपी थी, लेकिन अब यह रिपोर्ट हर आम खास के पास पहुंच चुकी है।
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