जिला अदालत में अग्रिम याचिका दाखिल, 19 जून को होगी सुनवाई संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। साढ़े तीन साल पुराने हत्या केस में शिकायतकर्ता से आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव के नाम पर 50 लाख की रिश्वत मांगने और 35 लाख में सौदा करके 20 लाख की वसूली करने के केस में नामजद आईजी दफ्तर में तैनात रहे विवादित सब इंस्पेक्टर खेमचंद पराशर ने अग्रिम जमानत के लिए जिला अदालत में याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर अतिरिक्त जिला व सेशन जज की अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 19 जून की तारीख तय की है।
जानकारी के अनुसार रिश्वत वसूलने का यह मामला डीजीपी पंजाब की हिदायत पर डीआईजी फिरोजपुर रेंज की अध्यक्षता वाली एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सदर कोटकपूरा दर्ज हुआ था, जिसमें फरीदकोट के एसपी गगनेश कुमार शर्मा, डीएसपी सुशील कुमार, आईजी दफ्तर में तैनात रहे एसआई खेमचंद पराशर के अलावा इन तीनों पुलिस अधिकारियों की मदद करने वाले गोशाला बीड़ सिखांवाला के प्रमुख मलकीत दास व फरीदकोट के जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी ठेकेदार को नामजद किया गया है। साल 2019 में यहां के गांव कोटसुखिया में डेरा बाबा हरका दास के प्रमुख संत दयाल दास की गोलियां मारकर हत्या की गई थी, जिसमें उनके गुरु भाई गगन दास के बयान पर मोगा के गांव कपूरे के संत जनरैल दास व अज्ञात लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने हत्या करने वाले शूटरों समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी जरनैल दास पुलिस से खुद को बेगुनाह साबित करवाने में कामयाब हो गया था। केस की पैरवी कर रहे शिकायतकर्ता गगन दास ने जब पुलिस से जरनैल दास पर कार्रवाई की मांग रखी तो पड़ताल कर रही एसआईटी में शामिल इन तीनों पुलिस अधिकारियों ने आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव के नाम पर रिश्वत मांगी और 20 लाख की वसूली भी की। पूरे केस की जांच विजिलेंस कर रही है और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों में शामिल विवादित सब इंस्पेक्टर खेमचंद पराशर ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इसी केस में नामजद मलकीत दास की अग्रिम जमानत याचिका पहले से ही जिला अदालत में सुनवाई अधीन है, जिसकी अगली तारीख 21 जून है।