अनाधिकृत काॅलोनियों में बिना सिक्योरिटी पानी व सीवरेज का लाभ लेने वालों पर कार्रवाई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। नगर निगम ने अनाधिकृत काॅलोनियों में बिना सिक्योरिटी के पानी व सीवरेज की सुविधा का लाभ लेने वाले लोगों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस दौरान ओटीजी व एम्यूनिशियन एरिया के प्रतिबंधित एरिया में बनी कॉलोनियों में पानी व सीवरेज का बिना सिक्योरिटी जमा करवाए लाभ लेने वालों को खुद निगम कार्यालय में आकर इसे लीगल करवाने की बात कही है। अगर उपभोक्ता खुद आकर अपने कनेक्शन को लीगल करवा लेता है तो ठीक अन्यथा जांच के दौरान पकड़े जाने पर उसे निगम को भारी जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं को निगम ने एक माह का समय दिया है। उपभोक्ता रेंट ब्रांच में वर्किंग दिनों में किसी भी समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक अपने कनेक्शन को लीगल करवा सकते हैं।
एक दर्जन से अधिक काॅलोनियों से आएगा रेवेन्यू
निगम की रैंट ब्रांच की मानें तो शहर में ओटीजी व एम्यूनिशियन के प्रतिबंधित दायरे में एक दर्जन से अधिक काॅलोनियों का निर्माण तीन से चार दशक पहले हो चुका है। उक्त काॅलोनियों के नक्शों पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन पावरकाॅम द्वारा उन्हें बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। जबकि, काफी संख्या में उक्त काॅलोनियों में रहने वालों के पास पानी के कनेक्शन हैं जो निगम को बिलों की अदायगी करते हैं। इसी बीच निगम द्वारा उक्त काॅलोनियों में सीवरेज की लाइन भी बिछाई गई, लेकिन काफी संख्या में उपभोक्ता ऐसे हैं जो सीवरेज व पानी की सुविधा का लाभ तो ले रहे हैं परंतु निगम को बिल नहीं भर रहे। ऐसे में निगम प्रशासन ने फैसला लिया है कि अगर वह लोग बिजली का बिल भर सकते हैं तो निगम के पानी और सीवरेज का बिल क्यों नहीं भर सकते। निगम की इस योजना से शहर की एक दर्जन से अधिक काॅलोनियों में बिना सिक्याेरिटी जमा करवाए लाभ ले रहे लोगों से काफी ज्यादा रेवेन्यू आएगा।
जुर्माना नहीं देने वालों का कटेगा पानी व सीवरेज कनेक्शन : सुपरिटेंडेंट
रैंट ब्रांच की सुपरिटेंडेंट दर्शना के मुताबिक डीसी कम निगम कमिश्नर की ओर से शहर के ओटीजी व एम्यूनिशियन के प्रतिबंधित दायरे में बनी काॅलोनियों में जो धारक पानी व सीवरेज का बिल नहीं दे रहे उनकी जांच की जाए। आदेश के तहत प्रापर्टी टैक्स ब्रांच से लिस्ट ली जाएगी, कौन टैक्स भरता है और कौन नहीं। उसी के आधार पर उपभोक्ताओं को चेक किया जाएगा कि वह पानी व सीवरेज का बिल भरते हैं कि नहीं। उपभोक्ता एक महीने के भीतर यदि खुद अपनी सिक्योरिटी जमा करवाता है तो ठीक, नहीं तो निगम उससे जुर्माना भी वसूलेगी। जुर्माना नहीं देने पर निगम के पास पानी व सीवरेज कनेक्शन काटने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचेगा।
निगम प्रशासन का मानना है कि कई ऐसे धारक हैं जो निगम से पानी व सीवरेज की सुविधा का लाभ तो लेते हैं परंतु अदायगी नहीं करते। इसी बात को देखते हुए उक्त काॅलोनियों में रहने वाले सभी उपभोक्ताओं का सर्वे करने के लिए रेंट ब्रांच को आदेश जारी हुआ है। इसमें देखा जाएगा कि जो उपभाेक्ता अदायगी नहीं करते उनकी पहचान कर अगला कदम उठाया जाएगा। अगर वह सिक्याेरिटी और रुटीन में अदायगी करना शुरू कर देते हैं तो इससे निगम को प्रत्येक वर्ष लाखों का रेवेन्यू आएगा।
इस तरह निगम करता है पानी के बिलों की वसूली
घरेलू उपभोक्ता पानी-सीवरेज
घरेलू उपभोक्ता पानी
-0 से 5 मरला तक सिंगल स्टोरी तक बिल माफी
-5 मरला से ऊपर फ्लैट रेट-50 रुपये प्रति महीना
घरेलू उपभोक्ता सीवरेज
-0 से 5 मरला तक प्रति माह- बिल माफी
- 5 से 10 मरला तक प्रति माह- 105 रुपये
-10 से 20 मरला तक प्रति माह-140 रुपये
-20 मरला से ऊपर फ्लैट रेट प्रति माह-280 रुपये
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कर्मशियल उपभोक्ता पानी-सीवरेज
कर्मशयिल उपभोक्ता पानी
-0 से 5 मरला तक प्रति माह -200 रुपये
-5 से 10 मरला तक प्रति माह-210 रुपये
-10 से 20 मरला तक प्रति माह-280 रुपये
-20 से ऊपर फ्लैट रेट प्रति माह-560 रुपये
कर्मशयिल उपभोक्ता सीवरेज
-0 से 5 मरला तक प्रति माह -200 रुपये
-5 से 10 मरला तक प्रति माह-210 रुपये
-10 से 20 मरला तक प्रति माह-280 रुपये
-20 से ऊपर फ्लैट रेट प्रति माह-560 रुपये