तलवाड़ा । आशा वर्कर्स और फेसिलिटेटर यूनियन की बैठक सोमवार को प्रधान निर्मला देवी की अगवाई में हुई। यह बैठक हाजीपुर अस्पताल में की गई।
प्रधान निर्मला देवी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में आशा वर्कर्स और फेसिलिटेटर को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। साथ ही कहा कि सरकार जो मान भत्ता देती है वह तो अपमान भत्ता बन चुका है। सरकार से मांग की कि उन्हें पंजाब सरकार के विभिन्न विभाग में लेकर तुरंत ही पक्का किया जाए। जब तक उन्हें पक्का नही किया जाता, उनको मिनिमम वेजिज को लागू किया जाए। सरकार उन्हें फ्रंट लाइन पर काम करने वाले तो मान रही है पर फील्ड में कोई भी सेफ्टी समान विभाग की तरफ से नही मिलता है। आशा वर्कर घर घर जा कर लोगों को टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और कोविड-19 के सैंपल लेने के लिए भी कैंपों में जा रही है। यह कार्य बहुत ही जोखिम वाला है। इसलिए सरकार से मांग है कि सभी आशा वर्कर और फेसिलिटेटर को पक्का किया जाए और प्रत्येक तरह का सेफ्टी समान भी दिया जाए। यूनियन की तरफ से 20 से 27 मई तक सरकार के खिलाफ रोष सप्ताह मनाया जा रहा हैं। इस में काले रंग की पट्टियां बांध कर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा।