लुधियाना। आपराधिक मामले में अदालत में पेशी भुगतने के बाद जेल पहुंचे चार हवालातियों ने जेल गेट के बाहर काफी हंगामा किया। चारों शराब के नशे में धुत थे, जिसके बाद कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। जिसके बाद उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। चारों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया तो चारों ने अस्पताल में भी काफी हंगामा किया और पेशी पर ले जाने वाले मुलाजिमों पर पैसे लेकर शराब पिलाने के आरोप जड़ दिए। इतना ही नहीं हवालातियों ने आरोप लगााया कि जेल में पैसे देकर सब कुछ मिलता है। 55 हजार रुपये देकर उन्होंने टच स्क्रीन वाला मोबाइल फोन लिया था। किसी तरह से पुलिस मुलाजिम चारों आरोपियों को मेडिकल कराने के बाद उन्हें वापस लेकर पहुंचे। इस दौरान आरोपियों ने कहा कि अगर अगली बार आएंगे तो फिर पैसे देकर शराब पिएंगे। गैंगस्टर साहिल कंडा ने बताया कि उस पर 8 से 9 मामले दर्ज हैं। वह हैबोवाल का रहने वाला है। उसके बाकी साथियों पर भी अनेकों आपराधिक मामले हैं। बुधवार को वह किसी मामले की पेशी पर अपने 4 अन्य साथियों के साथ गया था। साहिल ने आरोप लगाया कि पेशी के बाद उसने 15 हजार रुपये पुलिस कर्मचारियों को दिए, जिन्होंने उसे शराब पिलवाई। साहिल मुताबिक जब वह जेल में वापस जाने लगे तो उसे और उसके साथियों को रोक कर जेल प्रशासन ने शराब का टेस्ट करवाने के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। साहिल ने कहा कि अकसर वह जब भी पेशी पर जाते हैं, तो पुलिस कर्मचारियों को पैसे देकर शराब आदि पीते हैं। साहिल ने एक डिप्टी सुपरिंटेंडेट पर मोबाइल खरीद-फरोख्त के बड़े आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद कहीं न कहीं जेल प्रशासन के अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ रहे हैं। साहिल ने आरोप लगाया कि पेशी पर जाते समय उनके पास कोई पैसे नहीं होते। जब पुलिस कर्मचारी पैसे लेने के लिए राजी हो जाता है, तो उसे किसी तरह से पैसे पहुंचा दिए जाते हैं। उसके साथ मुलाजिमों ने जतिन मोंगा, दीपू कुमार, विशाल गिल और मनप्रीत पाल का भी मेडिकल करवाया है।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई: एडीसीपी
एडीसीपी हेड क्वार्टर रूपिंदर कौर भट्टी ने बताया कि उनके ध्यान में सारा मामला आ गया है। जिसके बाद में सीनियर अधिकारियों को भी जानकारी दे दी है। जो आरोप हवालातियों ने साथ गए पुलिस मुलाजिमों पर लगाए हैं, इसकी जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट वीरवार तक आएगी और आगे की कार्रवाई जरूर की जाएगी।