आरएसएस नेतो बोले- संविधान को कोई नहीं बदल सकता
जालंधर। बाबा साहिब भीमराव अंबेदकर जी ने विषपान के बावजूद दूसरों को अमृत वितरण किया। उन्होंने अपने ही लोगों के हाथों अपमान सहा, उसका प्रतिकार तो किया परंतु अपने ही बंधुओं के प्रति द्वेष नहीं पाला और उनके कल्याण की ही सोची। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख ने संघ कार्यालय पीली कोठी गोपाल नगर में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जयंती को समर्पित गोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संघ नेता पिछले दिनों दलितों में भाजपा व आरएसएस के प्रति पैदा हुए आक्रोश को देखकर सफाई देने में जुटे हैं। रामगोपाल ने कहा कि बाबा साहेब जैसे महान व्यक्तित्व को किसी वर्ग, संप्रदाय या क्षेत्र की परिधि में सीमित नहीं किया जा सकता। बाबा साहिब न केवल वंचित वर्ग उद्धारक बल्कि नारी हितों के हितैषी, उच्च कोटि के विधिवेता, महान अर्थशास्त्री, शिक्षाविद् थे और उनका दृष्टिकोण प्रखर राष्ट्रवादी था। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि बाबा साहेब के बनाए संविधान के कारण ही भारत एक है और शक्तिशाली है। उन्होंने कहा कि विश्वास इसे कोई बदल नहीं सकता। संघ कार्यालय में हुए इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों के अतिरिक्त समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित किए।