अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर में की गई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सीमावर्ती इलाकों में कई बार संदिग्ध ड्रोन और मानरहित विमान दिखाई दिए। उन्हें गिराने के लिए भारतीय सेना की ओर से की गई गोलाबारी व बमबारी के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को सेना की ओर से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 10 मार्च की रात को पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने के लिए भारतीय सेना ने निशाने लगाए। इस दौरान की गई फायरिंग के साथ ही कुछ मलवा श्रीगंगानगर में सीमावर्ती गांव मिर्जेवाला के निवासी विरांग सिंह पुत्र फौजा सिंह और अबोहर के समीपवर्ती कल्लरखेड़ा में हरदेव सिंह पुत्र हरनेक सिंह के मकानों पर गिरने से उनकी छतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। मामले की सूचना मिलते ही सैनिकों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उक्त बमनुमा वस्तुओं को गांवों से दूर ले जाकर निष्क्रिय किया। इसके बाद क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसी के चलते शुक्रवार को सेना के अधिकारियों ने गांव कल्लरखेड़ा निवासी हरदेव सिंह के क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया और उन्हें आश्वासन दिया कि शीघ्र ही आपके मकान के इस नुकसान की भरपाई की जाएगी। बातचीत के दौरान सैनिक अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पांच-सात हजार रुपये की सहायता मिल सकती है। पीड़ितों ने कहा कि कम से कम मकान की मरम्मत का खर्च तो दिया जाए ताकि वह क्षतिग्रस्त छत को दोबारा बनवा सकें।