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मलोट में रहे कफ्यू जैसे हालात, बंद रहे शिक्षण संस्थान व दुकानें

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मलोट पीएम रैली, साइड स्टोरी-1
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सानूं मोदी दा की फायदा...मैनूं तां तिन्न किलोमीटर तुर के जाणा पै गिया
मलोट में रहे कर्फ्यू जैसे हालात, बंद रहे शिक्षण संस्थान व दुकानें, जाम में फंसे रहे लोग
जीटी रोड समेत मलोट की विभिन्न गलियों में रही पुलिस की नाकाबंदी
संदिग्धों के आधार कार्ड तक जांच कर रही थी पुलिस, जीटी रोड पर पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
मलोट (मुक्तसर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली के चलते मलोट में कर्फ्यू जैसे हालात रहे। जहां शिक्षण संस्थान बंद रहे। वहीं जीटी रोड समेत मलोट की विभिन्न गलियों में दुकानें बंद रहीं। जिससे दुकानदारी प्रभावित रही। पीएम की रैली के चलते मेन रोड से लेकर गलियों में रेहड़ियां तक नहीं लगने दी गईं। मलोट पूरी तरह से पुलिस छावनी बना रहा। मलोट से करीब तीन किलोमीटर के दायरे तक हर जगह बसें ही बसें खड़ी नजर आ रही थीं। जिस कारण लंबा जाम लगा रहा। रैली की शुरुआत में जहां रैली स्थल के आसपास काफी जाम लगा रहा। वहीं रैली समाप्ती पर पर तो जाम से हालात गंभीर बन गए। जाम में फंसे लोग पीएम को कोसते ही नजर आए। राजस्थान से अपने दो बच्चों समेत किसी काम को आई परेशान महिला बोली कि सानूं मोदी दा की फायदा...मैनूं तां तिन्न किलोमीटर तुर के जाणा पै गिया। हाले पता नहीं कदों बस मिलूं। शहर के बीचोंबीच बने अड्डे से बसें न मिलने से यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। यात्री व आम लोग तो परेशान हुए ही, भीषण गर्मी में जगह-जगह पुलिस कर्मचारी पसीनें से तर बतर नजर आए। कई जगह पुलिस कर्मी रुमाल से हाथ-मुंह पोंछते दिखे तो कई जगह छतरियां लेकर पुलिस कर्मी गर्मी में ड्यूटी कर रहे थे। वहीं रैली खत्म होने पर कई लोग वहां लगे मोदी के फ्लैक्स ही उतार तस्वीरें फाड़ लोहे की पाइपें लेकर चलते बने। रैली के दौरान कइयों के पर्स भी गायब हो गए। रैली में कुछ लोग एक छोटे बच्चे को पकड़ पुलिस के पास ले गए, जो लोगों के पर्स उड़ा रहा था। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया। रैली के कारण सुबह से ही पुलिस सतर्कता बरते हुए थी। संदिग्ध नजर आ रहे लोगों से पुलिस उनके आधार कार्ड तक देख रही थी। गलियों में पुलिस नाकाबंदी के चलते लोग परेशान रहे।
(जगदीश जोशी, मुक्तसर)
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