कालिया ने कैप्टन का दावा झुठलाया
कहा-अगर नशे के कारोबार की रीढ़ टूट चुकी है तो सरकार के मंत्री ही क्यों चिल्ला रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस दावे को झुठलाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्ता में आने के 4 सप्ताह के बाद नशे के कारोबार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। यहां जारी एक विज्ञप्ति में कालिया ने कहा कि एम्स की रिपोर्ट दर्शाती है कि पंजाब में पिछले साल के मुकाबले में 2017 में चिट्टे की खपत में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। पंजाब में पिछले 6 महीने में जनवरी से जून 2018 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के 900 आरोपियों को अदालतों ने छोड़ दिया। क्योंकि क्योंकि एडहॉक तफ्तीशी अफसर लगाए गए थे, जबकि एनडीपीएस एक्ट में पक्के तफ्तीशी ऑफिसर लगाने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन का दावा सच है कि तो फिर उनके ही मंत्री नवजोत सिद्धू, सांसद प्रताप सिंह बाजवा, विधायक राणा गुरजीत सिंह तथा सुरजीत सिंह धीमान यह क्यों चिल्ला रहे है कि नशा खत्म करने में कांग्रेस सरकार विफल रही है। कालिया ने कहा कि कैप्टन सरकार ने जिन पुलिस अफसरों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केसों में एडहॉक तफ्तीशी ऑफिसर लगाए थे उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की है। पिछले 2 महीने में आए दिन नशे से एक नौजवान की मौत रोज होती है। इसका सिविल अस्पतालों में किए पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है, नशे द्वारा मारे गए नौजवानों की उम्र 17 से 35 वर्ष के बीच है।