पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड ने सूबे में 1 अक्तूबर से राज्य के उद्योगों को रात के समय बिजली 1 रुपये सस्ती देने का फैसला किया है।
इससे राज्य के करीब सात हजार बड़े उद्योगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रवक्ता ने बताया कि 1 अक्तूबर से 31 मार्च रात 10 से सुबह 6 बजे तक उद्योगों को बिजली एक रुपये कम कीमत पर मिलेगी। इससे उद्योगपतियों को भारी राहत मिलेगी।
शर्मा के मुताबिक फर्नेस इकाइयों व अन्य बड़े उद्योगों को मौजूदा प्रति यूनिट बिजली की कीमत 6 रुपये 33 पैसे चुकानी पड़ रही है। यह कीमत 1 अक्तूबर से रात 10 से सुबह 6 बजे तक 5 रुपये 33 पैसे हो जाएगी। पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने उद्योगों के लिए पीक लोड वाले घंटो में उपभोक्ताओं को बिजली सस्ती देने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।
हालांकि यह अभी छह महीने के लिए ही लागू होगा। यह प्रस्ताव पीक लोड घंटो में बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से रखा था। पावरकॉम का तर्क है कि सर्दी के मौसम में रात के समय बिजली की मांग कम होती है और बिजली सरपल्स हो जाती है। पावरकॉम का मानना है कि गैर पीक लोड घंटों में अब पावरकॉम को 129 करोड़ रुपये का जो घाटा प्रतिवर्ष होता है वह बिजली की मांग में 10 प्रतिशत की अनुमानित बढ़ोतरी होेने के कारण घटकर 108 करोड़ रुपये रह जाएगा।
दो रुपये दी जाए राहत : जिंदल
स्टील चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष भारत भूषण जिंदल ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने चैंबर की तरफ से मांग की है कि यदि यह छूट एक रुपये के बजाए दो रुपये हो जाती तो रोलिंग मिलों को भी इसका फायदा पहुंचता। फर्नेस एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदर गुप्ता इसे राहत को नाकाफी मानते हैं। उनके अनुसार इससे पंजाब के डूबते हुए उद्योग को राहत नहीं मिलने वाली। आल इंडिया स्टील री-रोर्ल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद वशिष्ट ने कहा कि रोलिंग मिलें रात के समय में नहीं चलाई जा सकतीं। उसके लिए लेबर भी महंगी मिलती है और उनको उत्पादन में नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह राहत बहुत ही थोड़ी है।