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सेवा न करने वाले बच्चों से छिनेगी पैतृक संपत्ति

Wed, 09 Oct 2013 03:04 AM IST
चंडीगढ़/हमीर सिंह।
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मां-बाप का सम्मान न करने और उनकी देखभाल नहीं करने वाले बच्चों को अब माता-पिता की संपत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है।
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पंजाब में बुजुर्गोँ की उनके बच्चों द्वारा उपेक्षा किए जाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि ऐसे बुजुर्ग जिन्होंने अपने बच्चों के नाम अपनी संपत्ति लिख दी है, अगर वे उनका ख्याल नहीं रखते तो बुजुर्ग अपनी संपत्ति वापस लेने के हकदार होंगे।

पंजाब सरकार की ओर से बच्चों के नाम कराई जाने वाली संपत्ति की रजिस्ट्रियों में यह प्रावधान किया जा रहा है।

प्रदेश में इस समय अनेक बुजुर्ग अपने बच्चे होने के बावजूद बेसहारा और वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हैं। ऐसे बुजुर्गों ने अपनी संपत्ति बच्चों के नाम करवा दी थी और उनके लिए बच्चे ही रोजी-रोटी और उनकी देखभाल का सहारा बन गए थे। लेकिन कई मामलों में संपत्ति अपने नाम होने पर बच्चों ने मां-बाप से मुंह फेर लिया।
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पंजाब सरकार ने इस संबंध में फैसला लिया है कि संपत्ति बच्चों के नाम करवाने के समय बुजुर्गों के मेंटिनेंस एंड वेल्फेयर ऑफ पैरेंटस एंड सीनियर सिटीजन एक्ट-2007 की धारा-23 का हवाला देना जरूरी है।
जिला उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि वे सभी तहसीलदारों को इस संबंध में अवगत करवाया जाए कि वे रजिस्ट्री से पहले बुजुर्गों इस धारा की जानकारी भी दें। जो बुजुर्ग सहमति दें उनकी रजिस्ट्री में इस धारा को जोड़ दिया जाए।

इस तरह संपत्ति बच्चों के नाम करने के बाद भी बुजुर्ग संपत्ति से महरूम नहीं हो सकेंगे और बच्चों द्वारा अनदेखा किए जाने पर उन्हें दी गई अपनी संपत्ति वापस ले सकेंगे।
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क्या है धारा-
मेंटिनेंस एंड वेल्फेयर ऑफ पेरेंटस एंड सीनियर सिटीजन एक्ट-2007 की धारा-23 के अनुसार कोई भी बुजुर्ग यदि महसूस करे कि उसके बच्चे उसका ठीक से ख्याल नहीं रखते हैं तो बुजुर्ग बच्चों से अपनी संपत्ति जब चाहे वापस ले सकते हैं।

बच्चों के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री में इसका हवाला न होने के कारण इस धारा को लागू नहीं किया जा सका है। अब इसे अमल में लाया जा सकेगा।



 

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