सूबे में धान का सीजन शुरू होने के बाद से लोगों को बिजली कट अखरने लगे हैं लेकिन होशियारपुर में एक सरकारी दफ्तर ऐसा भी है जिसके लिए पावर कट पिछले डेढ़ साल से जारी है। मामला पंजाब होमगार्ड के जिला हेडक्वार्टर का है। पिछले डेढ़ साल से दफ्तर का बिजली कनेक्शन इसलिए कटा पड़ा है कि महकमे के पास पंजाब पावर कारपोरेशन लिमिटेड के बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं थे।
एक दो बार तो दफ्तर में तैनात कर्मचारियों और जिला कमांडेंट जसबीर सिंह ने आपस में चंदा करके बिल जमा भी कराए लेकिन बाद में सबने हाथ खड़े कर दिए। पिछले ठीक डेढ़ साल से गर्मी हो या सर्दी दफ्तर में काम बिना बिजली के ही चलता है और इस चिलचिलाती गर्मी में कर्मचारी सारा दिन हाथ पंखों के आसरे जैसे तैसे काटने को मजबूर हैं।
करीब दो साल पहले से बिल देने के लिए पैसों की किल्लत विभाग के लिए दर्द बनने लगी थी। बिल न देने के चलते विभाग का बिजली कनेक्शन काटा जा रहा था, तब जिला कमांडेंट जसबीर सिंह और कर्मचारी आगे आए और आपस में ही चंदा जमा करके करीब 27 हजार रुपये का बिल जमा कराया। सभी इस उम्मीद में थे कि उच्चाधिकारियों के आश्वासन के अनुरूप ये पैसे भी उन्हें मिल जाएंगे और अगले बिलों के लिए भी राशि जल्दी ही आ जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
न तो कर्मचारियों को अपने पैसे मिले और न ही अगले बिलो के भुगतान के लिए राशि आई। जून 2012 का बिल 19 हजार 220 रुपये आ गया तो सबके हाथ खड़े हो गए। इसके बाद लगातार बिल पर बिल आते रहे और बकाया रकम बढ़ती चली गई, जो अब बढ़कर 60 हजार रुपये हो गई है। 13 दिसंबर 2012 को दफ्तर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। तब से यह दफ्तर बिना बिजली के ही चल रहा है। छह मंजिला जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स में सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित दफ्तर में सुबह से ही धूप की तपिश महसूस होने लगती है और सूरज डूबने तक धूप पूरी तरह सताती है। इन हालात में बिना पंखे के दफ्तर भट्ठी जैसा बना रहता है पर कर्मचारी इन हालात में ही सारा दिन काम करने को मजबूर हैं।
ऐसे में जहां हेडक्वार्टर में तैनात 33 कर्मचारी गर्मी झेलने के लिए मजबूर हैं, वहीं विभागीय कंप्यूटर भी सजावटी डिब्बे साबित हो रहे हैं। जिला कमांडेंट जसबीर सिंह कई बार मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में ला चुके लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि अभी फंड नहीं है, फिलहाल ऐसे ही गुजारा करो। न तो फंड आए न ही बिजली।
कोट
कर्मचारियों हाथ से पंखा झलकर काम करते रहते हैं। बिजली बोर्ड की बकाया राशि देने के बारे में कई बार डीजीपी पंजाब होमगार्ड के साथ मीटिंग हुई पर उनके द्वारा बजट न होने की बात कही जा रही है। मैं फिर दोबारा उच्च अधिकारियों के साथ इस मामले पर बात करूंगा। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया गया था कि उन्हें जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स के कनेक्शन से लाइन मुहैया करवा कर सब मीटर ही लगवा दें और उसके लिए वह बिल भी दे देंगे लेकिन उनका यह आग्रह भी ठुकरा दिया गया।
जसवीर सिंह, जिला कमांडेंट