पंजाब और हरियाणा के नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे में लेनिंग व्यवस्था को लेकर बरती जा रही लापरवाही के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों राज्य सरकाराें को कड़ी फटकार लगाई है।
जस्टिस राजीव भल्ला पर आधारित सिंगल बेंच ने कहा कि राजमार्गों पर तेजी से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, लेकिन फिर भी व्यवस्थाआें को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान हरियाणा के गुड़गांव, पंचकूला और फरीदाबाद जबकि पंजाब के जालंधर, अमृतसर और लुधियाना के पुलिस कमिश्नरों को हाजिर रहने के निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अधिकारी खुद हाजिर होकर बताएं कि लेनिंग व्यवस्था को लेकर अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही, हादसाें की बढ़ती दर पर कमी लाने के लिए उनके पास क्या सुझाव हैं।
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब पुलिस के आईजीपी शरद एस चौहान द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए गए हलफनामे में कहा गया है कि सरकार हाईकोर्ट के हर आदेश को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ट्रैफिक व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने अगस्त महीने में काटे गए चालान की रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश की। रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त माह में कुल 24 हजार 694 चालान काटे गए।
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला ने कहा कि पंजाब सरकार यह बताए कि लेनिंग व्यवस्था को सुचारू करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में लेनिंग व्यवस्था के चालान का जिक्र है। एक महीने में पूरे राज्य में सिर्फ 56 चालान कटे, इससे साफ झलकता है कि ट्रैफिक महकमा लेनिंग व्यवस्था पर गंभीर नहीं।
उधर, हरियाणा सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश किए गए हलफनामे में कहा गया कि 1 जनवरी 2013 से लेकर 31/8/2013 तक 8 लाख 35,184 चालान काटे गए हैं। स्कूल बसों को लेकर सरकार पूरी तरह सख्ती बरत रही है। अभी तक 7412 बसों को चेक किया गया और नियमाें का उल्लंघन करने वाली 2490 बसों के चालान काटे गए।
गुड़गांव मेट्रो पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गुड़गांव में मेट्रो सुविधाओं के मामले को लेकर भी हाईकोर्ट में बहस छिड़ गई है। मेट्रो में कई असुविधाओं का सवाल हाईकोर्ट में उठाया गया है। हाईकोर्ट ने स्थानीय प्रशासन से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।