हरियाणा पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर लागू की गई व्यापक रणनीति ने उल्लेखनीय परिणाम का दावा किया है। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 38 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां ऐसे मामलों की संख्या 13,945 थी। वहीं, 2025 में यह घटकर 8,723 रह गई। यह बदलाव केवल आंकड़ों का सुधार नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र में बड़े स्तर पर हुए सुधार का संकेत है।
राज्य में दुष्कर्म, अपहरण और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर अपराधों में लगातार गिरावट आई है। पुलिस ने महिला सुरक्षा को घर, कार्यस्थल, यात्रा और न्यायिक प्रक्रिया इन चार स्तरों पर मजबूत किया है। प्रदेशभर में 33 महिला थाने और 365 महिला हेल्प डेस्क घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और अन्य मामलों में पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता दे रहे हैं।
कामकाजी महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए डायल-112 के तहत 94 हजार से अधिक महिलाओं को ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा से जोड़ा गया है, जिससे उनकी यात्रा की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। दुर्गा शक्ति मोबाइल ऐप और रैपिड एक्शन फोर्स की सक्रिय गश्त ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को और मजबूत किया है।
महिला उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों पर सरकारी लाभ रोकने जैसी सख्त कार्रवाई ने भी स्पष्ट संदेश दिया है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था और तेज सुनवाई की प्रणाली ने महिलाओं से जुड़े मामलों के 98 प्रतिशत निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरियाणा अब महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।