चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री चुन्नी लाल भगत ने चिकित्सा शिक्षा फैकल्टी को तोहफा देते हुए उनको वर्ष में एक बार 20 दिन की अकादमिक छुट्टी, सरकारी खर्चे पर वर्ष में एक बार राष्ट्रीय कांफ्रेंस और दो वर्ष में एक बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भेजने का निर्णय किया है।
मंगलवार को जारी बयान में भगत ने बताया कि अध्यापक दिवस के अवसर पर उन्होंने मेडिकल फैकल्टी को यह तोहफा देने का निर्णय किया था, जिसके तहत विभाग में उप रियायतों संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।
भगत ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल, डेंटल एवं आयुर्वेदिक कालेजों के फैकल्टी सदस्य वर्ष में 20 दिनों की अकादमिक छुट्टी ले सकेंगे।
इसके दौरान टीचरों को पूरा वेतन मिलेगा। इस अवकाश के दौरान कोई भी फैकल्टी सदस्य अपने विषय से संबंधित कोई भी सेमिनार, कांफ्रेंस, बैठक आदि में हिस्सा लेने के अतिरिक्त कोई भी क्रेश कोर्स कर सकता है।
इसके साथ ही फैकल्टी सदस्य सरकारी खर्चे पर वर्ष में एक बार राष्ट्रीय कांफ्रेंस और दो वर्ष में एक बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग ले सकता है।
इस सुविधा का लाभ वह फैकल्टी सदस्य भी हासिल कर सकते हैं, जिन्हें संबंधित कांफ्रेंस में कोई पेपर पढ़ना हो।