अबोहर के बहुचर्चित भीम हत्याकांड मामले में आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी को सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। जहां उसने न्यायाधीश के सामने पॉलिग्राफ टेस्ट करवाने से इंकार कर दिया।
वहीं अदालत ने शिव लाल डोडा और डोडा के भतीजे अमित डोडा के पॉलिग्राफ टेस्ट करवाने को मंजूरी दे दी है। टेस्ट करवाने की तारीख पर फैसला 16 फरवरी को तय किया जाएगा।
एडवोकेट हरप्रीत सिंह व एडवोकेट अभिषेक सतीजा ने बताया कि आरोपी हरप्रीत सिंह हैरी ने पॉलिग्राफ टेस्ट करवाने से इंकार कर दिया। वहीं अकाली नेता व शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा और उसके भतीजे अमित डोडा का टेस्ट करवाने की तारीख का फैसला भी 16 फरवरी को ही सुनाया जाएगा।
इधर भीम टांक की मां द्वारा सभी आरोपियों के नार्को टेस्ट करवाने संबंधी दायर की गई याचिका पर सोमवार को बहस हुई। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष से यह सवाल किया गया कि आखिर वे किस आधार पर आरोपियों का नार्को टेस्ट करवाना चाहते हैं।
इस पर पीड़ित पक्ष कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका इसलिए अदालत ने इसका फैसला 16 फरवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
आरोप है कि 11 दिसंबर, 2015 को हरप्रीत सिंह हैरी समेत 22 लोगों ने भीम टांक और गुरजंट सिंह के अकाली नेता व शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा के फार्म हाउस में तेजधार हथियारों से हाथ-पांव काट दिए थे।
भीम की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि शिव लाल डोडा और उसके भतीजे अमित डोडा के कहने पर उनके बेटे भीम की हत्या की गई है। पहले पुलिस ने शिव लाल डोडा व अमित डोडा के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था।
जब लोगों ने रोष प्रदर्शन किया तो तब जाकर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिव लाल डोडा फरार हो गया था।
पंजाब पुलिस ने डोडा का इश्तिहारी मुलजिम घोषित किया था। डोडा को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलने पर खुद को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।