गांव कीकरखेड़ा निवासी एक किसान ने कर्ज के बोझ से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान पर करीब छह लाख रुपये का कर्जदार था। उसकी 2-3 एकड़ नरमे की फसल पूरी तरह से खराब हो गई थी।
किसान रामचंद पुत्र पोलाराम अपनी 2-3 एकड़ जमीन पर कृषि कार्य करके अपने तीन बच्चों सहित पूरे परिवार का पालन पोषण करता था। गांववासी गुरमीत सिंह ने बताया कि रामचंद तीन बहनों में अकेला भाई था। बहनों की शादियों आदि के कारण लाखों रुपये का कर्जदार हो गया था।
इसी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था और उसने अपने खेत में शीशम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गांववासियों ने बताया कि रामचंद ने किसी आढ़ती का ढाई लाख रुपये कर्ज देना था जबकि बैंक से 90 हजार की एफडी थी।
इसके अलावा सोसायटी का 50 हजार और कुछ रिश्तेदारों आदि का भी करीब 2 लाख रुपये कर्ज था। करीब 6 लाख रुपये की देनदारी को लेकर रामचंद परेशान रहता था और इसी कारण उसने यह घातक कदम उठाया। रामचंद की दो बेटियों, 1 बेटा था।