मोगा-बरनाला रोड को चौड़ा करने के प्रोजेक्ट के तहत एक धार्मिक डेरे के प्रमुख ने जमीन का अधिक मुआवजा तय करवाने के लिए राजस्व पटवारी को दिए 5 लाख रुपये एसडीएम ने वापस करवा लिए। उन्होंने धर्म गुरु और राजस्व पटवारी को दफ्तर बुलाकर डांट लगाई।
उपमंडल अफसर (एसडीएम) सुरिंदर कौर ने 5 लाख रुपये की रकम वापस करवाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार मोगा-बरनाला मार्ग को 65 से 145 फुट चौड़ा करने के प्रोजेक्ट के तहत गांव बुघ्घीपुरा और गांव बुट्टर में बाईपास बनाने के लिए भू-अधिग्रहण कलेक्टर कम उपमंडल अफसर (एसडीएम) ने केंद्रीय सड़क निर्माण योजना के अंतर्गत जमीन एक्वायर करने के लिए नोटिस जारी किए थे।
इस प्रोजेक्ट के अधीन कुछ किसानों के अलावा एक धार्मिक स्थान प्रमुख की 5 एकड़ जमीन भी आती है। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार इस जमीन का मार्केट रेट 15 से 25 लाख बताया जा रहा है, लेकिन धर्म गुरु ने केंद्र सरकार से अधिक मुआवजा लेने के लिए पटवारी से बात कर ली।
उसे 5 लाख रुपये देकर जमीन की बाजारी कीमत 50 लाख रुपये से अधिक दर्ज करवा ली थी। यह बात उप मंडल अफसर (एसडीएम) सुरिंदर कौर के ध्यान में आई तो उन्होंने इसका गंभीर नोटिस लिया।
धर्मगुरु और पटवारी के बात स्वीकारने के बाद एक सीनियर राजस्व अधिकारी के दखल बाद रकम वापस कर मामला रफा-दफा कर दिया गया।