बठिंडा के गांव हमीरगढ़ में एक सप्ताह पहले राज्य के कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका की जनसभा के दौरान उनसे उलझने के विवाद में नामजद वहां के बुजुर्ग जरनैल सिंह खालसा को शनिवार बठिंडा के थाना दयालपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
वह घटना वाले दिन 20 नवंबर से ही गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचारधीन था और उसने मलूका समर्थकों पर पिटाई करने के आरोप लगाए हुए थे। शनिवार शाम अस्पताल के डॉक्टरों ने बठिंडा पुलिस की हाजिरी में जरनैल सिंह को डिस्चार्ज कर दिया और पुलिस ने खुद ही अस्पताल के कागजातों पर जनरैल सिंह के अंगुठे लगवाते हुए कार्रवाई पूरी करवाई और उसे एंबुलेंस में लेकर चली गई।
जानकारी के अनुसार 20 नवंबर को गांव हमीरगढ़ में कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका की पब्लिक मीटिंग चल रही थी। इस दौरान उनका इसी गांव के रहने वाले जरनैल सिंह के विवाद खड़ा हो गया था।
इस घटनाक्रम के कुछ घंटे के बाद जरनैल सिंह को नीमबेहोशी की हालत में फरीदकोट दाखिल करवाया गया था। बठिंडा के थाना दयालपुरा पुलिस ने मलूका के पीए के बयान पर जरनैल सिंह को सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में नामजद किया था।
शनिवार को उसे इसी केस में गिरफ्तार किया गया है। इस मौके पर जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि उसके शरीर में अभी भी भयानक दर्द हो रहा है और उसे और इलाज की जरूरत है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने सरकार के दबाव में उसे जबरन डिस्चार्ज किया है।
उसने यह भी आरोप लगाया कि बठिंडा पुलिस ने उसकी शिकायत के बावजूद अभी तक उसकी पिटाई करने वाले आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
थाना दयालपुरा के एसएचओ बीरबल सिंह ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों की तरफ से जरनैल सिंह को डिस्चार्ज किए जाने पर ही उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है और उसे 29 नवंबर रविवार को बठिंडा में ड्यू्टी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा।
उधर, बठिंडा पुलिस के फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर जुट गए और उन्होंने इस कार्रवाई के खिलाफ पुलिस व सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। इस मौके पर आप नेता गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि शिअद नेताओं ने राज्य में गुंडाराज कायम कर रखा है।
पहले तो शिअद सर्मथकों ने जरनैल सिंह को बुरी तरह पीटा और अब उसे इलाज भी नहीं करवाने दिया जा रहा। पता चला है कि जरनैल सिंह ने अपने वकील एनके जीत के माध्यम से इस केस में अग्रिम जमानत लेने के लिए बठिंडा कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है और इस याचिका पर 30 नवंबर सोमवार को होने वाली सुनवाई से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।