गांव गुरूसर में जमीन विवाद के चलते आग लगाने की घटना में गंभीर रूप से झुलसे किसान जसकरण सिंह (50) की शनिवार रात स्थानीय गुरू गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।
किसान की मौत के बाद थाना बाजाखाना पुलिस में एक दंपति समेत सात आरोपियों पर दर्ज किए जानलेवा हमले के मामले को हत्या के केस में तबदील कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह थाना बाजाखाना के गांव गुरूसर में किसान जसकरण सिंह पर मुख्य आरोपी वीरपाल कौर, उसके पति गुरनाम सिंह समेत कुल सात लोगों ने तेल डालकर आग लगा दी थी।
आरोपियों का पिछले एक साल से जसकरण सिंह और उसके परिवार के साथ जमीनी विवाद चल रहा था और यह मामला इन दिनों अदालत में विचाराधीन है।
पुलिस मुताबिक घटना के समय वीरपाल कौर, उसके पति गुरनाम सिंह समेत पांच अन्य आरोपियों लखबीर सिंह, पम्मा सिंह, परमजीत सिंह संधू, बलराज सिंह और अमृतपाल सिंह की ओर से विवादित जमीन पर नलकूप लगाने के लिए खुदाई की जा रही थी।
खुदाई काविरोध करने पर इन आरोपियों ने जसकरण सिंह पर तेल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया। आग लगने से बुरी तरह झुलसे जसकरण सिंह को पहले कोटकपूरा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए स्थानीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रैफर किया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार देर रात जसकरण सिंह की मौत हो गई। इस सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। रविवार को पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने किसान की मौत के बाद पहले से ही नामजद वीरपाल कौर, उसके पति गुरनाम सिंह समेत पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाशी शुरू कर दी है।