ऐसे शुरू हुआ विवाद
बीटेक (सीएससी) के छात्र ऋषभ निरंजन ने बताया कि वह खालसा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सी ब्लॉक रहता है। रात करीब नौ बजे हम बिहारी छात्र मेस में खाना खाने गए थे और आपस में भोजपुरी में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ कश्मीरी छात्रों ने आकर कहा कि यहां पर भोजपुरी भाषा नहीं बोलने दी जाएगी। इसी बात को लेकर थोड़ी बहस हो गई, जिसके बाद कश्मीरी छात्रों ने मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद हम अपनी जान बचाकर वहां से भागे। इस दौरान हमें और हमारे एक साथी को गंभीर चोटें आई हैं और एक छात्र ब्रेन हेमरेज के कारण कोमा में चला गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन हमारा साथ नहीं दे रहा है और कश्मीरी छात्रों का पक्ष लिया जा रहा है, क्योंकि वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं।
कॉलेज प्रशासन के खिलाफ हुआ जमकर प्रदर्शन
बिहारी छात्रों को हॉस्टल में बंद किया जा रहा है और कश्मीरी छात्रों को बुलाकर बातचीत की जा रही है। वहीं, इसके बाद छात्र सड़क पर उतर आए और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और साथ ही आरोपी छात्रों के खिलाफ बनती कार्रवाई भी की जा रही है। कालेज मेस के सीसीटीवी भी चेक किए जा रहे हैं। कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।