गांव लंगड़ोया में सरेआम डोडे और स्मैक आदि बिकने के मामले में इलाके की गांव और आसपास के गांव की 16 पंचायतें एकजुट हो गई हैं।
पंचायतों के प्रतिनिधियों ने डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से डीजीपी पंजाब को एक पत्र भेजा है। इन पंचायतों का कहना है कि गांव लंगड़ोया में एक बिरादरी के मोहल्ले में इस प्रकार नशे की खरीद फरोख्त आम है और पुलिस के कर्मचारी भी नशे के सौदागरों से मिले हुए हैं। गांव वालों ने मामले को लेकर एसएसपी से भी मुलाकात की। उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ रोड स्थित नवांशहर का गांव लंगड़ोया नशे के व्यापार के लिए कुख्यात है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि नशे के कारोबार में लगे इस गांव के लोगों के खिलाफ खुद गांव की और आसपास के 16 गांवों की पंचायतें शिकायत करने के लिए सामने आई हों।
गांव लंगड़ोया, बघौरां, बड़वा, भानमजारा, सौना, दोलतपुर, किशनपुरा, नाईमजारा, सजावलपुर, जेठूमजारा, रामरायपुर, करीमपुर, गोलड़ों, सिंबली और बरनालाकलां आदि पंचायतों के सरपंचों-पंचों ने लिखित में दी शिकायत में कहा कि लंगड़ोया के एक मोहल्ले में बिरादरी विशेष के रहने वाले लोग नशे बेचने का काम सरेआम करते हैं।
पुलिस की मिलीभगत से यह लोग स्मैक व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी भी करते हैं। इस मोहल्ले में अक्सर नशा लेने के लिए नौजवानों का तांता लगा रहता है। नशे के चुंगल में फंसकर नौजवान न सिर्फ अपनी जवानी बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि यह लोग लोगों की प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचाते हैं। नशे के चुंगल में फंसकर कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। डिप्टी कमिश्नर अनदित्ता मित्रा और एसएसपी धनप्रीत कौर ने इस मामले में लोगों को जांच कर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।