पाकिस्तान में पनाह लिए मोस्ट वांटेड आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा की नशे की ओवरडोज के कारण शुक्रवार को मौत हो गई। रिंदा को लाहौर के एक अस्पताल में ले जाया गया था, लेकिन तबियत अधिक खराब होने के चलते उसे सैनिक अस्पताल शिफ्ट करना पड़ा। यहां भी चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके और उसकी मौत हो गई।
रिंदा पंजाब में नामी गैंगस्टर रहा है, उस पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी था। पंजाब के नामी गैंगस्टर के साथ संबंध थे। पंजाब की खुफिया एजेंसियों को इसके कई इनपुट भी मिले थे। पंजाब पुलिस ने अपने डोजियर में हरविंदर सिंह रिंदा को ए प्लस स्तर का गैंगस्टर बताया। डोजियर के मुताबिक हरविंदर सिंह रिंदा काफी खूंखार किस्म का गैंगस्टर था और इसीलिए उसे ए प्लस कैटेगरी में रखा गया।
27 आपराधिक मामले थे दर्ज
रिंदा पर भारत से फरार होने के पहले तक पंजाब और महाराष्ट्र में कुल 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या, किडनैपिंग, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। डोजियर में हरविंदर सिंह रिंदा के 27 एसोसिएट का भी उनकी फोटो के साथ जिक्र किया गया है, जो पंजाब और महाराष्ट्र में आपराधिक वारदात को अंजाम देते रहे। इसमें पंजाब के नामी गैंगस्टर भी शामिल थे।
पंजाब के छात्रों की राजनीति में दखल
पंजाब के छात्रों की राजनीति में रिंदा की दखलंदाजी पूरी रही थी और एजेंसियों के लिए भी यह चिंता बनी हुई थी। 28 अप्रैल 2016 को पंजाब यूनिवर्सिटी में जारी फैशन शो के दौरान सोई और सोपू समर्थकों में मारपीट हुई थी। गैंगस्टर हरिवंदर सिंह रिंदा ने साथियों के साथ मिलकर सोपू को स्पोर्ट करते हुए सोई लीडर गोदरा को गोली मारकर घायल किया था। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने रिंदा समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था व रिंदा को भगोड़ा करवाकर 50 हजार रुपये इनाम रखवाया था। एजेंसियों के एक उच्च अधिकारी के मुताबिक रिंदा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1500 युवाओं से जुड़ा हुआ था और उसने पाकिस्तान पहुंचने के बाद भी अपने नेटवर्क को कमजोर नहीं होने दिया, बल्कि मजबूत रखा।