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Punjab: पाकिस्तान में मारा गया खालिस्तान कमांडो फोर्स का चीफ परमजीत सिंह पंजवड़, परिजनों ने की ये मांग

Sat, 06 May 2023 09:28 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमित मरवाहा, संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब)

सार

पंजवड़ लाहौर में रहता था जबकि उसकी पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं। पंजवड़ की पत्नी का पिछले साल सितंबर में जर्मनी में निधन हो गया था।
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परमजीत पंजवड़ - फोटो : फाइल
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विस्तार
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खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ की पाकिस्तान के लाहौर में हत्या कर दी गई है। शनिवार को दो बाइक सवारों ने परमजीत सिंह पंजवड़ को मौत के घाट उतार दिया। उसकी हत्या की खबर सुन तरनतारन में उसका परिवार शोक में डूब गया है।

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बता दें कि 1986 में खालिस्तान कमांडो फोर्स के मुखिया जनरल लाभ सिंह की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। इसके बाद केसीएफ की कमान परमजीत सिंह पंजवड़ के हाथों में थी। इससे पहले, पंजवड़ सहकारी कॉओप्रेटिव बैंक ब्रांच सोहल में तैनात था। लाभ सिंह पंजवड़ का चचेरा भाई था।

परमजीत सिंह पंजवड़ जरनैल सिंह भिंडरावाला के संपर्क में रहा था। परमजीत सिंह पंजवड़ (62) की पत्नी जर्मनी में अपने दो बेटों मनबीर सिंह (22), राजन सिंह (20) के साथ रहती थी, जिसकी करीब छह माह पहले वहां मौत हो चुकी है।
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परमजीत सिंह पंजवड़ पंजाब में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के अलावा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पंजाब का माहौल खराब करने के लिए नशे की खेप और हथियार ड्रोन के माध्यम से लगातार भिजवाता रहा था।

पंजाब पुलिस ने परमजीत सिंह पंजवड़ पर पांच लाख का ईनाम रखा था। थाना झब्बाल के गांव पंजवड़ निवासी परमजीत सिंह पंजवड़ के तीन भाई बलदेव सिंह, सरबजीत सिंह गांव में खेती करते हैं। जबकि अमरजीत सिंह बैंक से रिटायर्ड है। पंजवड़ का एक भाई राजविंदर सिंह और मां महिंदर कौर पुलिस के हाथों मारे गए थे।

परमजीत सिंह पंजवड़ तरन तारन के गांव पंजवड़ का रहने वाला था। परमजीत सिंह का जन्म तरनतारन के पंजवड़ गांव में ही हुआ था। पंजवड़ ने 1990 के दशक में खालिस्तान कमांडो फोर्स की कमान संभाली और शरण लेने के लिए पाकिस्तान चला गया था
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परिजनों ने कही ये बात
पंजवाड़ लाहौर में सरदार सिंह के रूप में रहता था जबकि उनकी पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं। पंजवड़ की पत्नी का पिछले साल सितंबर में जर्मनी में निधन हो गया था। गांव में पंजवड़ के रिश्तेदार रहते हैं उनका कहना है कि अगर हमें बॉडी मिल जाए तो हम उसका संस्कार इसी गांव में करेंगे।

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