भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। 2012 में अकाली दल से सियासत शुरू करने वाले परगट 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए और जालंधर कैंट से लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं। परगट सिंह की राजनीतिक पारी और अब तक के सफर की पूरी कहानी पढ़ें।
भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी से लेकर पंजाब की सियासत में अपनी पहचान बनाने तक, परगट सिंह का सफर कई पड़ावों से होकर गुजरा है। ओलंपियन परगट 2012 में अकाली दल के टिकट पर चुनाव जीतकर राजनीति में आए, 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए और जालंधर कैंट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। अब कांग्रेस ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी है।
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कौन हैं परगट सिंह?
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन परगट सिंह अब पंजाब कांग्रेस की कमान संभालेंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। परगट ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुई इस नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने दोआबा क्षेत्र के नेता को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है।
हॉकी के मैदान पर बनाई पहचान
परगट सिंह ने खेल के मैदान से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे और ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और 2012 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने यह चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
2017 में कांग्रेस में हुए शामिल
2017 के विधानसभा चुनाव से पहले परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने जालंधर कैंट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जालंधर कैंट सीट बरकरार रखी। इस तरह वह इस सीट से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं।
कांग्रेस संगठन में भी निभाई जिम्मेदारी
2021 में नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह को पीपीसीसी में महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में उन्हें खेल और शिक्षा मंत्री बनाया गया।
दोआबा से आते हैं परगट सिंह
परगट सिंह जालंधर कैंट से विधायक हैं और पंजाब के दोआबा क्षेत्र से आते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मालवा से विजयइंदर सिंगला, दोआबा से परगट सिंह और माझा से सुखजिंदर सिंह सरकारिया के नामों का पैनल हाईकमान के सामने था। कांग्रेस ने इनमें से परगट सिंह के नाम पर मुहर लगाई है।
नई जिम्मेदारी के साथ बड़ी चुनौती
प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद परगट सिंह के सामने संगठन को एकजुट रखने और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने की चुनौती होगी। पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से चल रही खींचतान के बीच उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस को पंजाब में अपना संगठन मजबूत करने पर भी काम करना होगा।