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DIG भुल्लर: सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर की पोस्ट, कहा- मैंने ही दिए थे सस्पेंड करने के आदेश

Tue, 21 Oct 2025 07:48 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीआईजी भुल्लर के भ्रष्टाचार मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि मैंने ही डीआईजी को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। डिटेल में पढ़ें खबर...
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सीएम भगवंत मान - फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीआईजी रोपड़ हरचरण सिंह भुल्लर के रिश्वतखोरी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा मेरे द्वारा ही डीआईजी रोपड़ को पुलिस महकमे से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए हैं। भ्रष्टाचार के मामले में नामजद कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हो, उसका बिल्कुल साथ नहीं दिया जाएगा। हर तरह की रिश्वतखोरी के खिलाफ आम आदमी पार्टी की जंग जारी रहेगी।
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पंजाब सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को 18 अक्तूबर को  निलंबित किया था। गृह विभाग ने यह कार्रवाई की थी। पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सीबीआई चंडीगढ़ ने बीते वीरवार को एक स्क्रैप डीलर से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में मोहाली से गिरफ्तार किया था। सीबीआई चंडीगढ़ की 8 टीमों ने मामले में अंबाला, मोहाली, चंडीगढ़ और रोपड़ सहित 7 ठिकानों पर रेड की। डीआईजी भुल्लर के ऑफिस, घर, फार्म हाउस और अन्य ठिकानों को सीबीआई ने खंगाला। 
 

डीआईजी के घर से मिला था साढ़े सात करोड़ रुपये कैश

डीआईजी भुल्लर की चंडीगढ़ कोठी से साढ़े सात करोड़ कैश मिला है। यह कैश 3 बैग और एक सूटकेस में भरा हुआ था। इसके अलावा सोने के गहने, 22 मंहगी बेशकीमती घड़ियां, बैंक के लॉकरों की चाबियां, 40 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई थी।  डीआईजी भुल्लर 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। डीआईजी भुल्लर के पिता महल सिंह भुल्लर पंजाब के डीजीपी रह चुके हैं।
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बिचौलिए कृष्णु ने खोले कई राज 

बिचौलिए कृष्णु ने सीबीआई पूछताछ में यह बात कबूल की है कि वह डीआईजी के कहने पर मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला, डेराबस्सी, जीरकपुर, पटियाला और अन्य बहुत सी जगहों पर बड़े लोगों से रकम पकड़ने जाता था। बिचौलिए ने पूछताछ में बताया कि पिछले कुछ समय से वह हर महीने डीआईजी साहब के कहने पर अलग-अलग लोगों के पास जाकर 5 से 7 लाख रुपये लेकर आता था। कई बार यह रकम डेढ़ से दो महीने के अंदर लाने के लिए कही जाती थी। लेकिन स्क्रैप डीलर अकाश बत्ता से इस बार 8 लाख रुपये रिश्वत लेना दोनों को महंगा पड़ गया।

संपित्तयों की जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

डीआईजी के घर और ठिकानों से मिली संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं। सीबीआई ने जिन बेनामी संपत्तियों का अपने अधिकारिक नोट में जिक्र किया है अब उनकी जांच में बड़े नाम सामने आ सकते हैं। आखिरकार ये बेनामी संपत्तियां कैसे खरीदी गईं, इनके लिए पैसा कहां से आया। इन तथ्यों पर सीबीआई जांच में जुटी है। इसके अलावा डीआईजी के पास से जो डायरी मिली है उसने कई रसूखदारों को भी जांच के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। 
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