किसानों की बैठक से उठकर जाने से गरमाई सियासत
सोमवार को किसान संगठनों के साथ चल रही बैठक से सीएम के उठकर जाने के प्रकरण ने सूबे की सियासत को गरमा दिया है। तमाम विपक्षी दल मुख्यमंत्री भगवंत मान को चारों तरफ से घेर रहे हैं। वहीं मंगलवार को किसान नेताओं की धरपकड़ ने आग में घी डालने का काम किया है।
मंगलवार को पंजाब सरकार के खिलाफ कई जगह अर्थी फूंक प्रदर्शन किए गए । उगराहां यूनियन के महासचिव दरबारा सिंह ने इसे तानाशाही करार दिया है।
दिल्ली हार के बाद आप का पंजाब पर ही फोकस
दिल्ली हार के बाद आप नेतृत्व चौकन्ना हो गया है और किसी भी हालत में पंजाब पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहता है। यदि पंजाब में पकड़ ढीली पड़ी तो पार्टी के वजूद पर खतरा आ सकता है।
उपचुनाव में संजीव अरोड़ा के नामांकन पर उठे सवाल
सियासी जानकार मानते हैं कि दिल्ली की दखलंदाजी, पंजाबियों को भा नहीं रही है। इस पर अंकुश लगने से पंजाबियों का भरोसा बढ़ सकेगा। वहीं लुधियाना उपचुनाव में राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारने पर सवाल उठ रहे हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि यदि उपचुनाव में जीत के बाद दिल्ली के किसी नेता को राज्यसभा में भेजा जाता है तो आप के प्रति आक्रोश पनप सकता है। पंजाब में पार्टी को आम आदमी की साधारण छवि को कायम करना होगा।
भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना ने कहा कि आप नेतृत्व, पंजाब के संसाधनों का दुरुपयोग कर अपने सियासी हित साधने की कोशिश लगातार कर रहा है। पंजाब इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। दिल्ली नेतृत्व की दखलंदाजी से पंजाबी खफा हैं और इसका हिसाब पंजाबी जरूर लेंगे। किसानों से सरकार का व्यवहार तो समझ से परे है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री हरपाल चीमा और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने प्रदेश के सबसे ज्वलंत मुद्दे नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। इसके अलावा प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी पंजाब में दस्तक दे रहे हैं।