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वीर बाल दिवस: फतेहगढ़ साहिब में कल से शुरू होगी शहीदी सभा, सेवा करते दिखे आप विधायक

Wed, 24 Dec 2025 08:53 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सरबंसदानी दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोराबर सिंह व बाबा फतेह सिंह एवं माता गुजरी जी की अतुलीय शहादत को समर्पित वार्षिक शहीदी सभा वीरवार को गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में शुरू हो जाएगी। 
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गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब में आप सरकार ने एक बार फिर अपनी सेवा भावना और धार्मिक आस्था के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया है। श्री फतेहगढ़ साहिब में आप विधायक ने संगत के साथ मिलकर स्वच्छता सेवा में भाग लिया और माता गुजरी तथा छोटे साहिबजादों की पावन धरती पर सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त किया। यह सेवा कार्यक्रम उस पवित्र स्थान पर आयोजित किया गया जहां सिख इतिहास के सबसे बड़े बलिदान की गाथा अंकित है। विधायक ने झाड़ू और अन्य सफाई उपकरणों के साथ स्थानीय संगत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा की, जो पंजाब सरकार की विनम्रता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब को होली सिटी घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। यह कदम न केवल सिख धर्म के पवित्र तीर्थ स्थलों को विशेष दर्जा देता है, बल्कि इन शहरों के विकास, स्वच्छता और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने इन पवित्र नगरों के लिए विशेष विकास योजनाएं तैयार की हैं जिनमें बुनियादी ढांचे का सुधार, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक स्थलों की देखभाल शामिल है। होली सिटी का दर्जा मिलने से इन शहरों में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

सरकार ने पिछले दो वर्षों में धार्मिक स्थलों के रखरखाव, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार और पवित्र नदियों की सफाई जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। फतेहगढ़ साहिब में विधायकों की उपस्थिति और उनकी सेवा भावना ने स्थानीय संगत को भी प्रेरित किया है। पंजाब सरकार की योजनाओं में पवित्र शहरों के चारों ओर ग्रीन बेल्ट का विकास, प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाना और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण शामिल है। होली सिटी घोषित होने के बाद इन शहरों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध, धूम्रपान निषेध क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के सख्त नियम लागू किए गए हैं। इससे न केवल धार्मिक वातावरण बना रहेगा बल्कि युवा पीढ़ी को भी अपनी समृद्ध विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। सरकार ने इन शहरों के लिए स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की तर्ज पर विशेष फंड भी आवंटित किया है।
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धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी पंजाब सरकार के इस दृष्टिकोण की सराहना की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कई सदस्यों ने कहा कि होली सिटी का दर्जा देने से सिख धर्म के पवित्र स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। स्थानीय व्यापारियों और होटल मालिकों ने भी इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि इससे धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आम जनता का मानना है कि यदि सरकार इसी तरह काम करती रही तो पंजाब वास्तव में एक आदर्श प्रदेश बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संसाधन बन सकता है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर आते हैं और यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें तो यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। सरकार की योजना है कि अगले पांच वर्षों में इन होली सिटीज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाए जहां विश्व भर से पर्यटक और श्रद्धालु आएं। इसके लिए हवाई संपर्क, सड़क नेटवर्क और रेल सुविधाओं में भी सुधार की योजना बनाई गई है।

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