मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देगा। इसके लिए बिजली की निर्बाध उपलब्धता जरूरी है। राज्य पछवाड़ा कोयला खदानों से आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोल इंडिया और झारखंड सरकार के भी संपर्क में है।
पंजाब में धान की खरीद और केंद्रीय पूल में चावल के योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर राज्य की जरूरतों और बिजली परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। मान के मुताबिक, केंद्र ने बिजली और कोयले की निरंतर आपूर्ति का भरोसा दिया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देगा। इसके लिए बिजली की निर्बाध उपलब्धता जरूरी है। राज्य पछवाड़ा कोयला खदानों से आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोल इंडिया और झारखंड सरकार के भी संपर्क में है। बैठक में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मान ने केंद्रीय मंत्री को रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध परियोजनाओं का दौरा करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने शाहपुर कंडी परियोजना से संबंधित एनजीटी नोटिसों का मुद्दा उठाया और जलविद्युत परियोजनाओं के सुचारू संचालन को जरूरी बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश के जलविद्युत उत्पादन में पंजाब का योगदान करीब 40 प्रतिशत है।
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बेअदबी मामलों में दोबारा पेश होंगे चालान
बरगाड़ी और बहिबल कलां मामलों पर मान ने पिछली सरकारों पर जांच कमजोर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नए गवाहों और नई रणनीति के साथ अदालत में दोबारा चालान पेश किए जाएंगे, ताकि मामलों को मजबूत किया जा सके।