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पंजाब में पुलिस हत्याओं के पीछे टीटीएच: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी कर रहा ऑपरेट, क्या है इनका असली मकसद

Fri, 29 May 2026 11:37 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शहजाद भट्टी पर्दे के पीछे से टीटीएच नेटवर्क को संचालित कर रहा है। वह सोशल मीडिया के जरिए भारत के युवाओं को निशाना बना रहा है। खासकर नशे के आदी युवाओं को पैसों और विदेश में बसने का लालच दिया जाता है।
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अमृतसर में पुलिसकर्मी की हत्या - फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
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पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के मामलों में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) का नाम फिर चर्चा में है। 

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गुरदासपुर और अमृतसर में एएसआई की हत्याओं के बाद टीटीएच ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली है। जांच एजेंसियां पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर टीटीएच नेटवर्क चलाने का संदेह कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, शहजाद भट्टी पर्दे के पीछे से टीटीएच नेटवर्क को संचालित कर रहा है। वह सोशल मीडिया के जरिए भारत के युवाओं को निशाना बना रहा है। खासकर नशे के आदी युवाओं को पैसों और विदेश में बसने का लालच दिया जाता है। बाद में उनका उपयोग नेटवर्क फैलाने और दहशत का माहौल बनाने के लिए होता है।
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बुधवार को यूपी में एटीएस और एसटीएफ ने शहजाद भट्टी के 4 संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और स्कूलों में ब्लास्ट की साजिश रच रहे थे। जांच में सामने आया कि वे आईएसआई और गैंगस्टर आबिद जट्ट के संपर्क में थे। मार्च 2026 में हरियाणा में आरडीएक्स के साथ पकड़े गए एक आरोपी ने भी शहजाद भट्टी का नाम लिया था।

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पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना

जांच एजेंसियों को शक है कि पंजाब में पुलिसकर्मियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। 22 फरवरी को गुरदासपुर में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी भी टीटीएच ने ली थी। अमृतसर में एएसआई जोगा सिंह हत्याकांड के बाद भी समान सोशल मीडिया पोस्ट सामने आए हैं। एजेंसियां दोनों मामलों के बीच संबंध तलाश रही हैं।

शहजाद भट्टी के गुर्गों की तलाश

पुलिस अब शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से हमलावरों और पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट, संदिग्ध मॉड्यूल और पाकिस्तान कनेक्शन की जांच कर रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लगातार सामने आ रहे पैटर्न ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
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