मृतकों में शामिल महेंद्र पाल अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। बिजली मैकेनिक का काम करने वाला महेंद्र पाल अपने पीछे पिता, पत्नी और 15 वर्षीय बेटी को छोड़ गया। दूसरा मृतक जगदीश मित्तल घर में अकेला रहते था और अविवाहित था। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। तीसरा मृतक दीपक कुमार तलाकशुदा था। उसके परिवार में माता-पिता, भाई और भाभी रहते हैं।
सरकार से आर्थिक मदद की मांग
इस मामले में कोटकपूरा के पार्षद ऐरन जोशी ने कहा कि हर साल शहर से अनेक नौजवान गंगोत्री और हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए जाते हैं। इस हादसे में तीन कांवड़ियों की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकार से मृतकों के परिवारों की आर्थिक मदद करने की भी गुहार लगाई।