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Punjab: मां मजदूर... पिता ग्रंथी, तीन बेटियों ने पास की यूजीसी परीक्षा, तीनों बहनों ने बताया क्या है लक्ष्य

Mon, 28 Jul 2025 08:37 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)

सार

मजदूर मां और गुरुद्वारा के ग्रंथी पिता की तीन बेटियों ने मई-2025 में हुई यूजीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह बहनें मानसा जिले के बुढलाडा कस्बे की रहने वाली हैं।
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यूजीसी परीक्षा पास करने वाले तीनों बहनें। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कहावत है हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती। हालात और परिस्थितियां कैसी भी हो अगर मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पंजाब की तीन बेटियों ने, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी खुद को कमजोर नहीं होने दिया और जो ठाना उसे हासिल कर दिखाया है। पंजाब की गरीब घर की तीन बेटियों ने यूजीसी की परीक्षा पास की है। तीनों बहनों ने एक साथ परीक्षा दी थी और अच्छे रैंक से पास भी की है। 

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घर के आर्थिक हालात ठीक न होने के बावजूद बेटियों ने सफलता हासिल की है। मजदूर मां और गुरुद्वारा के ग्रंथी पिता की तीन बेटियों ने मई-2025 में हुई यूजीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। तीनों बहनों का लक्ष्य भविष्य में पीएचडी कर प्रोफेसर बनना है। यह बहनें मानसा जिले के बुढलाडा कस्बे की रहने वाली हैं।

बुढलाडा के ग्रंथी बिक्कर सिंह की बेटी रिंपी कौर, बेअंत कौर व हरदीप कौर ने मई महीने में हुई यूजीसी की परीक्षा में 53वां व क्रमवार रैंक हासिल किया है। बेअंत कौर ने बताया कि बचपन से ही उन्हें पढ़ने व प्रोफेसर बनने का शौक है। इसी के चलते तीनों बहनों ने यह परीक्षा दी थी जिसका नतीजा करीब एक सप्ताह पहले ही घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि बेशक उनके अभिभावक मजदूर व कम पढ़े लिखे हैं लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
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बेअंत कौर ने बताया कि तीनों बहनें प्रोफेसर बनना चाहती हैं। उन्होंने जेआरएफ परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि वे तीनों बहनें पीएचडी भी इकट्ठी ही करेंगी। उनकी माता मनजीत कौर खेत मजदूर है। बड़ा भाई मक्खन सिंह किसी बीमारी से बाद अपनी पढ़ाई छोड़ चुका है। पिता गुरुद्वारा के ग्रंथी हैं। बिक्कर सिंह ने कहा कि उन्हें बेटियों की सफलता पर गर्व है। बेशक वे अधिक पढ़ लिख नहीं सके, लेकिन बेटियों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

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