पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पंजाब के पठानकोट में गैस सिलेंडरों की किल्लत के साथ छोटे दुकानदार और घर के चूल्हे जलाने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर न मिलने की वजह से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें गने लगी हैं। कुछ जगह तो गैस एजेंसियों के बाहर लोगों का रोष भी देखा गया है।
वहीं, गैस किल्लत की वजह से मजबूरी में चाय विक्रेताओं ने एक कप चाय के दाम बढ़ा दिए हैं। पहले चाय का कप 10 रुपये में मिलता था अब दाम 15 रुपये कर दिए हैं। कुछ विक्रेता दाम बढ़ाने की सोचने पर मजबूर हो गए हैं। ऐसे में दूध, पनीर, घी, दही का काम करने वाले डेयरी संचालकों को भी गैस की कमी कारण अपने घरों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया। गैस की वजह से दूध, घी, पनीर आदि वस्तुओं का काम चलता है। होटल और रेस्टोरेंट के भी यही हाल देखने को मिल रहे है।
पंजाब के मंत्रियों ने कुछ दिन पहले ही कहा है कि गैस की कमी पंजाब में नहीं होने दी जाएगी। क्योंकि पंजाब के पास कुछ दिनों की गैस सप्लाई पड़ी है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयान करने लगी है। लोग परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे हैं और सबसे बड़ी बात पठानकोट में एक मंत्री भी है और उसी मंत्री के जिले में लोग परेशान हो रहे है।
डेयरी संचालक रजिंदर पाल सिंह ने बताया कि उनकी पठानकोट के चार मरला क्वार्टर में दूध-पनीर की डेयरी है और कुछ दिनों से उन्हें भी गैस सिलेंडरों की समस्या आ रही है, जिस वजह से दुकान पर काम घट गया है। ऐसे में उन्हें अपना घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। गैस सिलेंडर अगर इसी तरह न मिले तो मुश्किलें ओर बढ़ जाएगी।
न्यू एमसी बाजार में चाय विक्रेता राकेश कुमार ने कहा कि बढ़ती गैस की किल्लत उन्हें भी सताने लगी है। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में उन्हें भी चाय के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। क्योंकि उन्हें दूसरे-तीसरे दिन गैस सिलेंडर की आवश्यकता रहती ही है। दुकान पर चाय पीने आए ग्राहक अनमोल शर्मा ने कहते हैं कि गैस की कमी की वजह से दुकान पर चाय पीना आम व्यक्ति की बजट से बाहर हो रही है। कुछ जगह तो चाय के दाम बढ़ चुके है।
दूसरी तरफ, पठानकोट के बंसल गैस एजेंसी के बाहर गैस सिलेंडर लेने आए लोगों ने एजेंसी मालिकों और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि गैस सिलेंडर न मिलने के कारण घर पर खाना नहीं बन पाया है। बच्चे भूखे हैं और बच्चों को स्कूल जाने व बड़ों को अपने रोजाना के काम पर जाने में समस्याएं आने लगी हैं। लोगों ने सरकार से मांग की कि पठानकोट में बढ़ती गैस किल्लत को दूर किया जाए।