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सूरमा मुहिम का आगाज: नशा छोड़ चुके युवाओं को सीएम भगवंत मान ने दी अंगूठी, रवनीत बिट्टू ने कसा तंज

Sat, 27 Jun 2026 04:57 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन युवाओं ने अपनी जिंदगी को नशे के अंधेरे से निकालकर दोबारा रोशनी की तरफ मोड़ा है, वे समाज के लिए किसी मिसाल से कम नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार केवल एक सकारात्मक माहौल और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन असली जमीनी बदलाव युवाओं की खुद की कोशिशों और इच्छाशक्ति से ही मुमकिन है।
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लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूरमा मुहिम के तहत नशा छोड़ने वाले युवाओं को सम्मानित किया। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब को नशामुक्त कर रंगला पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महानगर से सूरमा मुहिम का आगाज किया। गुरु नानक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उन युवाओं को सूरमा की उपाधि देकर सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे के जाल को काट दिया है। 

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सीएम मान ने इन युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें विशेष अंगूठियां पहनाईं और ऐलान किया कि जो भी युवा अब समाज की मुख्यधारा में लौटकर अपना नया कारोबार या काम शुरू करना चाहता है, राज्य सरकार उसे हर कदम पर हर संभव मदद और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन युवाओं ने अपनी जिंदगी को नशे के अंधेरे से निकालकर दोबारा रोशनी की तरफ मोड़ा है, वे समाज के लिए किसी मिसाल से कम नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार केवल एक सकारात्मक माहौल और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन असली जमीनी बदलाव युवाओं की खुद की कोशिशों और इच्छाशक्ति से ही मुमकिन है। जब युवाओं को खुद इस बात का अहसास हो जाता है कि नशे की दलदल उनके जीवन को कैसे तबाह कर रही है, तो वे खुद-ब-खुद इससे दूरी बनाने की राह चुन लेते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब एक बार फिर अपनी खोई हुई साख को बहाल करते हुए देश के लिए विकास का एक नया मॉडल बनकर उभर रहा है।
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश भर में युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने के लिए तीन हजार अत्याधुनिक जिम और 3,100 सर्वसुविधायुक्त खेल स्टेडियमों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। खेल ही एकमात्र ऐसा जरिया है जो युवा पीढ़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत कर नशे से दूर रख सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बच्चों को दी जाने वाली उच्च स्तरीय शिक्षा ही गरीबी को जड़ से खत्म करने का सबसे अचूक उपाय है।

विपक्ष का तीखा हमला

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के इन दावों और नई मुहिम पर विपक्षी खेमे से बेहद तीखा हमला हुआ है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सूरमा मुहिम को सरकार का एक पब्लिसिटी स्टंट और घिनौना मजाक करार दिया। बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब तो सदियों से ही असली सूरमाओं, योद्धाओं और शूरवीरों की पवित्र धरती रहा है, लेकिन सत्तासीन सरकारों की गलत नीतियों, नाकामी और लचर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण ही आज सीमावर्ती राज्य में नशा तस्करी, सट्टेबाजी और लूटपाट अपने चरम पर पहुंच चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सूबे की जवानी को इस तरह बर्बाद करने के बाद अपने प्रोपेगेंडा का नाम सूरमा रखना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने नसीहत दी कि पंजाब के आम लोगों को सूरमा बनाने की नसीहत देने से पहले मुख्यमंत्री को खुद अपनी सभी गलत और गंदी आदतों का परित्याग करना चाहिए और खुद एक मिसाल बनकर दिखाना चाहिए।

युवाओं ने सुनाई आपबीती

समारोह के दौरान मंच पर मौजूद कई युवाओं ने आपबीती सुनाते हुए इस बात को साझा किया कि कैसे इस नई मुहिम और बदलाव की सोच ने उनकी मरती हुई जिंदगी में दोबारा सांसें फूंकी हैं। एक युवा ने बताया कि नशे की भयानक लत के चलते वह इस कदर अंधा हो चुका था कि अपने पिता की मृत्यु के ठीक बाद उसने उनकी जेब से पैसे चुरा लिए थे, जिसका पछतावा उसे जिंदगी भर रहेगा। वहीं, एक अन्य युवक ने बताया कि उसने नशे की तलब पूरी करने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन तक औने-पौने दामों में बेच दी थी, लेकिन नशा छोड़ने के बाद अब वह दिन-रात कड़ी मेहनत करके उस जमीन के हिस्से को दोबारा खरीदने में कामयाब रहा है।

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