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गठबंधन की सुगबुगाहट: मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे सुखबीर बादल, संसद भवन में हुई मुलाकात; केजरीवाल ने कसा तंज

Fri, 07 Aug 2026 12:26 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस समय एक बड़ा मोड़ आया जब शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर बादल अचानक पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने संसद भवन पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात से 2027 चुनाव में गठबंधन के कयास तेज हो गए हैं।  
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पीएम मोदी से मिले सुखबीर बादल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई जब शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 
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दोनों नेताओं की मुलाकात को पंजाब की सियासत में अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा है कि क्या कभी पुराने सहयोगी रहे अकाली दल और भाजपा एक बार फिर चुनावी गठबंधन की राह पर लौट सकते हैं?

लंबे समय तक सहयोगी रहे हैं शिअद-भाजपा

अकाली दल और भाजपा लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन सहयोगी रहे हैं। कृषि कानूनों पर किसानों के आंदोलन के बाद दोनों दलों की राहें अलग हुई थी। 2022 का विधानसभा चुनाव दोनों गुटों ने अलग-अलग लड़ा था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों के रास्ते अलग रहे। ऐसे में मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात को आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

पंजाब में 2027 का चुनाव आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के बीच बहुकोणीय मुकाबले की तस्वीर पेश कर सकता है। भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित तालमेल चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीण और शहरी पंजाब में दोनों दलों के अलग-अलग प्रभाव क्षेत्रों को देखते हुए गठबंधन की स्थिति में मुकाबले के समीकरण बदल सकते हैं।

हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद गठबंधन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैठक में पंजाब के राजनीतिक हालात के अलावा 2027 के चुनाव को लेकर कोई ठोस चर्चा हुई या नहीं।

फिर भी इस मुलाकात ने पंजाब की सियासत में एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या 2027 के चुनाव से पहले अकाली दल और भाजपा एक बार फिर साथ आएंगे। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकियां इस सवाल का जवाब तय कर सकती हैं।
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केजरीवाल ने कसा तंज

वहीं इस बैठक पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तंज कसा है। केजरीवाल ने एक्स पर लिखा- ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे। तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है?
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