पराली में लगी आग बुझाते दमकल कर्मचारी।
- फोटो : संवाद (फाइल)
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसे लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने आठ जिलों के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर अधिकारियों के जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
आयोग ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन कानून की धारा 14 के तहत यह नोटिस जारी किया है जिसमें पांच साल की सजा या 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। आयोग ने जिन जिलों के डीसी और एसएसपी को यह नोटिस जारी किया है उनमें श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, संगरूर और तरनतारन शामिल हैं।
आयोग ने कुछ दिन पहले पंजाब का दौरा भी किया था और पराली जलाने के मामले को रोकने के प्रयासों का जायजा लिया था। इस दौरान आयोग ने प्रदेश के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से असंतुष्टि जताई थी। आयोग ने धान की कटाई से पहले पराली जलाने के मामलों पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए थे। पहले पराली जलाने के कम मामले आए लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसमें अचानक बढ़ोतरी शुरू हो गई है और यह 4500 का आंकड़ा पार कर गए हैं।
मंगलवार को 312 जगह पराली जलाने के मामले सामने आए थे। 15 सितंबर से पराली जलाने की मॉनीटरिंग शुरू हुई थी। 30 सितंबर तक 95 मामले सामने आए जबकि पूरे अक्तूबर माह में 1601 जगह पराली जली। वहीं नवंबर माह में ही पिछले 10 दिनों के अंदर पराली जलाने के 2553 मामले सामने आ चुके हैं जिस कारण आयोग सख्त हो गया है।