पंजाब के बठिंडा के तलवंडी साबो स्थित सरकारी अस्पताल में तैनात सीनियर मेडिकल अफसर (एसएमओ) डॉक्टर रवि कांत पर स्टाफ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एसएमओ के खिलाफ स्टाफ ने लिखित में सिविल सर्जन बठिंडा को शिकायत भी दी है। स्टाफ ने एसएमओ के खिलाफ कार्रवाई न करने पर नौकरी छोड़ने की चेतावनी दी है। आरोप है कि एसएमओ अस्पताल की महिला चिकित्सकों को हूरपरी कहकर संबोधित करता है।
मुख्य शिकायतकर्ता डॉ. विक्रम प्रताप खिच्ची ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉक्टर रवि कांत गुप्ता ने स्टाफ एवं मरीजों के सामने उसको अपमानित व जलील करते हुए मानसिक तौर पर परेशान किया है। अस्पताल में एसएमओ का खास कोई भी मरीज परचा कटवाने के लिए दाखिल होता है तो एसएमओ की ओर से उन
पर अवैध तारीके से दवाब बनाया जाता है। एसएमओ द्वारा कहा जाता है कि दाखिल व्यक्ति एमएलए का खास व्यक्ति है। जब उसने दवाब में काम करने से मना किया तो एसएमओ गुप्ता ने उसको मरीजों एवं स्टाफ के सामने अपमानित और परेशान किया। जब उसने अपने साथी डाक्टरों से बात की तो उनकी बात को भी एसएमओ ने नहीं सुना।
शिकायत में डॉ. विक्रम ने कहा कि अस्पताल के बाकी डॉक्टरों एवं स्टाफ से भी एसएमओ गलत भाषा में बात करता है। डॉ. ईशान सिंगला, अंकिता, मीनाक्षी, तेजिंदरपाल कौर, लवकेश गुप्ता और हरविंदर कौर बख्शी के साथ भी एसएमओ बुरा बर्ताव करता है। ऐसे माहौल में नौकरी करने की बजाय वो अपनी नौकरी से इस्तीफा देने की सोच रहे हैं। महिला डॉक्टरों एवं स्टाफ को एसएमओ हूरपरी कहते हुए उनके साथ गलत शब्दाबली का इस्तेमाल करता है।
शिकायत की पुष्टि करते हुए डाक्टर जगरूप सिंह ने बताया कि उक्त एसएमओ रवि कांत द्वारा लगातार ऐसा ही व्यवहार किया जा रहा है। एक तरफ पंजाब सरकार कहती कि वो अच्छी सेहत सुविधाएं देने के लिए बचनवद्ध हैं, लेकिन उनके सरकारी अस्पताल के एसएमओ द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाना पंजाब सरकार की बातों को झूठ साबित करता है।
सिविल सर्जन डॉ. रमन सिंगला का कहना है कि उनको एसएमओ रवि कांत गुप्ता के खिलाफ शिकायत जरूर मिली है, लेकिन वो उक्त पूरे मामले की जांच करवाने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। वहीं, एसएमओ डॉ. रवि कांत गुप्ता से लगातार संपर्क किया गया लेकिन उनका नंबर लंबे समय तक व्यस्त आता रहा।