शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस संदर्भ में प्रस्ताव रखा, जिसे स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने स्वीकार करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर की जीवनी और उनकी कुर्बानियों को याद किया। उन्होंने सत्र के दौरान गुरु साहिब की शिक्षाओं व बाणी का विस्तार से जिक्र किया।
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि आज पूरे देश में धर्म के नाम पर सभी को बांटा जा रहा है मगर गुरु तेग बहादुर ने मुगलों द्वारा जबरन करवाए जा रहे धर्म परिवर्तन के बीच अपनी शहादत की दीवार खड़ी कर दी थी, इसी के बदौलत आज देश उनकी कुर्बानी को नमन करता है।
विधायक नछतर पाल ने विधानसभा के दौरान सभी से बंदी सिंह की रिहाई के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। विधायक मनवेंद्र सिंह ग्यासपुर ने गुरु साहिब के शिष्य भाई सती दास, भाई मतिदास व भाई दयाला जी की कुर्बानियां को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी गुरु साहिब के सिद्धांतों पर चलते हुए पंजाब का विकास कर रही है। उन्होंने मांग रखी कि रोपड़ जिले का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा जाए।
सत्र के दौरान विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि गुरु जी ने हमें जुल्म के खिलाफ लड़ना सिखाया है। आज भी लड़ाई उन ताकतों के खिलाफ है जो पंजाब का ताना-बाना बिगाड़ना चाहते हैं। हमने अपने अधिकारों के लिए लड़ना गुरुजी से ही सीखा है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने गुरु जी के संदेश और शिक्षाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह कश्मीरी पंडितों की गुहार पर गुरु तेग बहादुर जी धर्म की रक्षा के लिए मुगल सल्तनत का सामना करने के लिए तैयार हो गए थे। उन्होंने कहा कि आज भी कई मौजूदा सरकारें मुगल सोच के साथ राज करना चाहती हैं। ये लोग पंजाब के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी का विवाद और चंडीगढ़ पर पंजाब का हक खत्म करने की कोशिश इसका बड़ा उदाहरण है। आम आदमी पार्टी की सरकार को इस पर गंभीर होना पड़ेगा। बाजवा ने कहा हमारे आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन पंजाबियत के लिए हम सबको एक होना पड़ेगा। हमारे बहुत से सांसद यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी हैं। पंजाब के हितों की रक्षा के लिए सभी को एकत्रित होने की जरूरत है वरना भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।