पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची से जुड़े। एन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य करीब पूरा हो चुका है। शनिवार तक राज्य के कुल 2,14,61,043 मतदाताओं में से 2,14,57,800 मतदाताओं (99.98 प्रतिशत) के फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं। केवल 3,243 मतदाताओं का रिकॉर्ड डिजिटाइज होना बाकी है।
पंजाब के 23 जिलों में से 18 जिलों ने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इनमें अमृतसर, बरनाला, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, मानसा, मोगा, पटियाला, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन शामिल हैं।
इन जिलों में एक भी मतदाता का रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन के लिए लंबित नहीं है। हालांकि पांच जिलों में कुछ मतदाताओं के रिकॉर्ड अभी भी डिजिटल किए जाने बाकी हैं। सबसे अधिक लंबित मामले लुधियाना जिले में हैं, जहां 26,83,999 मतदाताओं में से 26,81,116 का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है और 2,883 रिकॉर्ड शेष हैं।
पठानकोट में 350 मतदाताओं का डिजिटाइजेशन बाकी है। वहीं, बठिंडा में सात, मलेरकोटला में दो और जालंधर में केवल एक मतदाता का रिकॉर्ड डिजिटाइज होना शेष है।
लुधियाना में 99.89 प्रतिशत रिकॉर्ड डिजिटल हो चुके हैं। राज्य स्तर पर देखें तो केवल 0.02 प्रतिशत रिकॉर्ड लंबित रह गए हैं।