पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सूबे में एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 2.01 करोड़ रह गई है।
एसआईआर से पहले राज्य में 2,14,61,043 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि अब जारी अंतिम सूची में 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। कुल 13,60,316 मतदाता कम हुए हैं, जबकि 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में 20,66,608 नाम हटाए गए थे। दावे-आपत्तियों के निपटारे के बाद 7,06,292 मतदाता बढ़े।
एसआईआर की स्थिति देखें तो पंजाब में अधिकतर दिग्गजों के हलकों में जितने नए वोट जुड़े हैं, उससे ज्यादा कट गए हैं। वोटों का यही गणित आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर नए सियासी समीकरण बनाएगा। लगभग सभी हलकों में मतदाताओं की संख्या घटी है।
राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह कहते हैं कि यह देखना होगा कि किस हलके में कितने वोट कम हुए हैं और कितने बढ़े हैं, यानी दोनों के बीच अंतर कितना है। इससे राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। वोट घटने से पारंपरिक जीत-हार के अंतर और जातिगत समीकरणों पर सीधा असर पड़ेगा। इससे आगामी चुनावों में मुकाबला रोचक और अप्रत्याशित होने की उम्मीद है।
कहां कितने वोटर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान: धूरी हलके में एसआईआर से पहले 1,66,143 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,57,073 मतदाता हैं। 9,070 वोट कम हुए और 3,052 वोट बढ़े।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा: दिड़बा हलके में पहले 1,82,695 मतदाता थे। अब 1,83,640 मतदाता हैं। 945 मतदाता बढ़े।
मंत्री अमन अरोड़ा: सुनाम हलके में एसआईआर से पहले 1,95,780 मतदाता थे। अब 1,89,779 मतदाता हैं। 6,001 मतदाता कम हुए और 1,148 बढ़े।
मंत्री हरजोत बैंस: आनंदपुर साहिब हलके में पहले 1,91,727 मतदाता थे। एसआईआर के बाद 1,80,471 मतदाता हैं। 11,256 वोट कटे और 1,715 वोट जुड़े।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर: मलोट हलके में एसआईआर से पहले 1,94,875 मतदाता थे। अब इनकी संख्या 1,67,963 है। 26,912 वोट कटे और 2,564 वोट बढ़े।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ: जंडियाला हलके में एसआईआर से पहले 1,79,560 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,74,635 मतदाता हैं। 4,925 मतदाता घटे और 7,189 बढ़े।
मंत्री लालचंद कटारूचक: भोआ हलके में पहले 1,94,845 मतदाता थे। अब 1,83,841 मतदाता हैं। 11,004 वोट कटे और 6,219 वोट जुड़े।
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद: खन्ना हलके में पहले 1,74,061 मतदाता थे। अब 1,61,347 मतदाता हैं। 12,714 वोट कटे और 4,514 वोट बढ़े।
मंत्री बरिंदर गोयल: लहरा हलके में पहले 1,74,451 मतदाता थे। अब 1,73,265 मतदाता हैं। 1,186 वोट कटे और 4,435 मतदाता बढ़े।
मंत्री डॉ. रवजोत सिंह: शाम चौरासी हलके में एसआईआर से पहले 1,74,770 पंजीकृत मतदाता थे। अब 1,67,179 मतदाता हैं। 7,591 वोट कटे और 5,858 मतदाता बढ़े।
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह: पटियाला ग्रामीण हलके में पहले 2,20,255 मतदाता थे। अब 2,06,147 मतदाता हैं। 14,108 वोट कटे और 7,676 वोट बढ़े।
मंत्री मोहिंदर भगत: जालंधर पश्चिम हलके में पहले 1,71,462 मतदाता थे। अब 1,63,415 मतदाता हैं। 8,047 वोट घटे और 9,698 वोट बढ़े।
मंत्री संजीव अरोड़ा: लुधियाना पश्चिम हलके में पहले 1,74,437 मतदाता थे। अब 1,45,610 मतदाता हैं। 28,827 वोट कटे और 4,144 वोट बढ़े।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष परगट सिंह: जालंधर कैंट में एसआईआर से पहले 1,89,711 मतदाता थे। अब 1,76,638 मतदाता हैं। 13,073 वोट कटे और 8,595 वोट बढ़े।
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल: जलालाबाद हलके में पहले 2,13,903 मतदाता थे। अब 2,11,189 मतदाता हैं। 2,714 वोट घटे और 5,592 वोट बढ़े।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों: बरनाला हलके में पहले 1,80,088 मतदाता थे। अब 1,63,329 मतदाता हैं। 16,759 वोट कटे और 3,498 मतदाता बढ़े।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा: कादियां हलके में एसआईआर से पहले 1,82,130 मतदाता थे। अब 1,79,762 मतदाता हैं। 2,368 मतदाता घटे और 10,190 बढ़े।