पंजाब के मोगा में एक महिला एसएचओ को बर्खास्त किया गया है। एसएचओ को विजिलेंस ब्यूरो ने 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक होमगार्ड जवान की भी संलिप्तता पाई गई थी।
विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर रेंज ने 26 सितंबर को मोगा जिले के कोट ई सेखा थाने की एसएचओ सुनीता बावा और होमगार्ड गुरअवतार सिंह को गिरफ्तार किया था। उन्हें 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने 1 अक्तूबर को सुनीता बावा को पंजाब पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया।
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शिकायतकर्ता राजविंदर सिंह ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। होमगार्ड गुरअवतार सिंह ने उन्हें एक मुकदमे में नामजद करने का डर दिखाया था। उसने राजविंदर सिंह से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में वह 80 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया। आरोपी पहले ही राजविंदर सिंह से 20 हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद उसने बकाया 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत की। राजविंदर सिंह ने इस बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
शिकायतकर्ता ने रिकॉर्डिंग विजिलेंस ब्यूरो की इंस्पेक्टर जगनदीप कौर को सौंपी। विजिलेंस ने मामले की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में गुरअवतार सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में गुरअवतार सिंह ने बताया कि 50 हजार रुपये सुनीता बावा को देने थे। इसके बाद विजिलेंस टीम ने सुनीता बावा को भी रिश्वत की रकम हासिल करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।