पंजाब में पनबस और पीआरटीसी ठेका कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार को अपनी हड़ताल खत्म कर दी। बुधवार से चंडीगढ़ डिपो को छोड़कर अब सभी रूट पर सरकारी बसें चलनी शुरू हो जाएंगी, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दरअसल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक तय होने के बाद ही यूनियन ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है। 15 जनवरी को पंजाब सिविल सचिवालय में सीएम ऑफिस में सुबह 11.30 बजे यह बैठक होगी, जिसके लिए यूनियन के पांच पदाधिकारियों को बुलाया गया है। बैठक में यूनियन की सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। यूनियन ने साफ किया है कि अगर 15 को उनकी मांगें पूरी करने के संबंध में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो वह दोबारा हड़ताल का एलान कर देंगे। साथ ही इस दौरान अपने प्रदर्शन को और तेज करेंगे व सीएम आवास का घेराव करेंगे।
इससे पहले यूनियन ने मंगलवार को मोहाली बस स्टैंड पर धरना दिया। कर्मचारियों ने सीएम ऑफिस के लिए अपना कूच शुरू ही किया था, लेकिन सीएम के साथ बैठक तय होने के चलते इसे टाल दिया गया।
बता दें कि यूनियन प्रमुख रूप से अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। यूनियन ने तीन दिन की हड़ताल का एलान किया था। मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन था, जिस कारण 27 डिपो से पीआरटीसी की 1300 व पनबस की 1700 बसें नहीं चल पाईं। इस दौरान पूरा दिन यात्री परेशान होते रहे। पंजाब के सभी शहरों के साथ ही हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, जम्मू व उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के रूट भी प्रभावित रहे। यूनियन ने दावा किया है कि बंद के कारण सरकार को साढ़े तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।
चंडीगढ़ डिपो से आज भी बंद रहेंगी बसें
यूनियन के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ डिपो को छोड़कर बाकी सभी डिपो से उनकी बस सेवाएं बुधवार से शुरू हो जाएंगी। चंडीगढ़ डिपो पर अधिकारी कर्मियों को बेवजह परेशान करते हैं, जिसके चलते उन्होंने बुधवार को काम बंद रखने का फैसला लिया है। अगर 15 जनवरी को बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।