लगातार घट रही जन्म दर
बच्चों और युवाओं की आबादी घटने का प्रमुख कारण जन्म दर में लगातार आ रही कमी है। पंजाब में वर्ष 2012-14 के दौरान जन्म दर 15.7 थी जो 2022-24 में घटकर 13.9 रह गई है। यह राष्ट्रीय औसत 18.6 से काफी कम है। पड़ोसी राज्यों में हरियाणा की जन्म दर 18.8 और हिमाचल प्रदेश की 14.2 दर्ज की गई है।
युवाओं का पलायन बढ़ा रहा भविष्य की चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्ग आबादी बढ़ने से आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ेगा। वहीं पंजाब से हर साल बड़ी संख्या में युवा विदेश जा रहे हैं। अनुमान के अनुसार डेढ़ से दो लाख युवा प्रतिवर्ष विदेशों का रुख करते हैं और इनमें से अधिकांश वापस नहीं लौटते। इससे भविष्य में राज्य को कुशल और उत्पादक कार्यबल की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदेश में पिछले कुछ समय से जन्म दर लगातार कम हो रही है। अब लोग एक या दो बच्चों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। दूसरी ओर लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है। यही कारण है कि बच्चों और युवाओं की आबादी घट रही है जबकि बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। - प्रो. रविंद्र खैवाल, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, पीजीआई