समागम में फाजिल्का क्षेत्र की करीब 1100 महिलाओं ने 1100 सेना एवं बीएसएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधकर देश की रक्षा में उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे असफवाला वॉर मेमोरियल में ‘राखी सरहद के नाम—राष्ट्र रक्षा का सम्मान, बहनों का अभिमान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का गर्मजोशी से स्वागत किया। समागम में फाजिल्का क्षेत्र की करीब 1100 महिलाओं ने 1100 सेना एवं बीएसएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधकर देश की रक्षा में उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर महिलाओं ने जवानों की लंबी उम्र और सुरक्षित रहने की कामना करते हुए उनके समर्पण को सलाम किया।
करण गिल्होत्रा ने कहा कि यह आयोजन देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान एवं आभार प्रकट करने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरहद पर राखी बांधने का यह संदेश पूरे देश तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम में समाधि समिति के प्रधान सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।