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Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में घुलेगा प्रेम, पूर्णिमा के साथ आयुष्मान और सौभाग्य योग का संयोग

Thu, 20 Aug 2026 08:47 AM IST
Nivedita नीरज कुमार, संवाद, चंडीगढ़

सार

28 अगस्त को सुबह से दोपहर 12:45 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। आयुष्मान योग दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य से जुड़ा है। सौभाग्य योग सुख-समृद्धि और पारिवारिक मंगल के लिए शुभ माना जाता है।
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rakhi - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस बार बेहद शुभ संयोग में मनाया जाएगा। यह पर्व 28 अगस्त दिन शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि के साथ पड़ रहा है। इस दिन आयुष्मान और सौभाग्य योग का विशेष संयोग भी बन रहा है। 
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सेक्टर 37 के भगवान परशुराम भवन के पुजारी पंडित देवी प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि ये योग दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सौभाग्य के लिए शुभ माने जाते हैं। शतभिषा नक्षत्र भी इस पर्व को खास बनाएगा। इसलिए धार्मिक दृष्टि से रक्षाबंधन का यह पर्व विशेष महत्व रखता है।

28 अगस्त को सुबह से दोपहर 12:45 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। आयुष्मान योग दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य से जुड़ा है। सौभाग्य योग सुख-समृद्धि और पारिवारिक मंगल के लिए शुभ माना जाता है। राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक है।
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भद्रा का नहीं रहेगा प्रभाव
देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में पूरे दिन राखी बांधना शुभ माना जा रहा है। हालांकि, राहुकाल में राखी बांधने से बचना चाहिए। 28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ है।

शतभिषा नक्षत्र का शुभ संयोग, भाई-बहन के रिश्ते में बढ़ेगा प्रेम
सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने शतभिषा नक्षत्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन शतभिषा नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और मजबूती के लिए शुभ माना जाता है। पूर्णिमा, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और शतभिषा नक्षत्र का यह संयोग पर्व को विशेष बनाता है।
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