हलवारा में सुबह के समय आसमान में छाए काले बादल
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मौमस बदलने से ठंड की दस्तक
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किसानों की बढ़ी चिंता
वहीं, बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के अनुसार, बारिश ऐसे समय में हुई है जब मंडियों में धान की फसल पड़ी है और खेतों में भी बड़ी मात्रा में धान कटाई के लिए तैयार है। मंडियों में खुले में पड़ा धान बारिश से भीगने के कारण प्रभावित हो सकता है। किसानों का कहना है कि भले ही वे मंडी में सूखा धान लेकर पहुंचे हों, लेकिन बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ सकती है, जिससे खरीद के दौरान उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बारिश के बीच मंडियों में रखी धान की फसल
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फसल को बारिश से बचाने की सरकार से की अपील
किसानों ने कहा कि जब फसल को बारिश की जरूरत थी, उस समय बारिश नहीं हुई, जबकि अब कटाई और खरीद का सीजन चल रहा है तो अचानक बारिश हो रही है। इससे खेतों में तैयार फसल की कटाई भी प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि मंडियों में खुले में पड़ी फसल को बारिश से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। साथ ही, बारिश के कारण फसल में बढ़ी नमी को देखते हुए धान की खरीद में किसानों को आवश्यक राहत दी जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।