हाल ही में राजस्थान के सरकारी स्कूल की छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना ने स्कूलों की सुरक्षा नींव पर कई तरह के सवाल खड़ किए हैं। यह हादसा सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि पंजाब के स्कूलों की जर्जर हालत को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
दो साल पहले लुधियाना के बद्दोवाल के सरकारी स्कूल की छत गिरने से एक शिक्षक की मौत हो गई थी। अब राजस्थान की घटना ने फिर से पंजाब में चिंता बढ़ा दी है कि कहीं प्रदेश में भी दोबारा इस तरह का हादसा न हो जाए।
पंजाब में कुल 19,262 सरकारी स्कूल है, जिनमें 12880 प्राइमरी, 2670 मिडल, 1740 हाई और 1972 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 25 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें से अधिकांश समाज के गरीब वर्ग से हैं। इन स्कूलों के भवन कितने सुरक्षित है, इसे लेकर पिछले काफी समय से ऑडिट नहीं हुआ है। काफी स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें बने हुए 30 से 35 साल हो चुके हैं। कई स्कूलों की छतों की हालत जर्जर है, जिनके किसी भी समय गिरने खतरा लगा रहता है।
बरसातों के दौरान स्कूलों की छतों व दीवारों से रिसाव होना आम बात है। इनमें ऐसे भी स्कूल हैं, जिनकी दीवारों में दरारें आ गई हैं और फर्श टूटे हुए हैं।
अमृतसर की सुभाष कॉलोनी में हाल ही में एक प्राइमरी स्कूल के भवन की जर्जर हालत के चलते बच्चों को पास के गुरुद्वारा में शिफ्ट करना पड़ा। सांसद गुरजीत सिंह औजला स्कूल की हालत देखने के लिए मौके पर पहुंचे और सांसद ने सांसद विकास निधि कोष स्कूल की रिपेयर के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस दौरान शिक्षा विभाग ने माना था कि जिले के कुल 1245 स्कूल भवनों में से 12 से 15 भवन असुरक्षित है, जिनकी तत्काल मरम्मत करवाने की आवश्यकता है।
इसी तरह की हालत बाकी जिलों के कई सरकारी स्कूलों की भी बनी हुई है। दो साल पहले लुधियाना के बद्दोवाल में हादसे के बाद जिले के सभी प्रिंसीपलों से विभाग ने रिपोर्ट मांगी थी और इस रिपोर्ट में जिले के लगभग 115 स्कूलों के परिसर के कुछ हिस्सों को असुरक्षित बताया गया था। सरकार ने पिछले साल 2,563 स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण करवाया है, क्योंकि इन स्कूलों में पिछले काफी समय से दीवार ही नहीं थी। इसी तरह 3,055 स्कूलों की चहारदवारी की मरम्मत भी करवाई गई है। अभी भी ऐसे कई स्कूलों हैं, जिनमें सुरक्षा की दरकार है।
पंजाब सरकार करवा रही ऑडिट
राजस्थान की घटना के बाद पंजाब सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों के भवनों का ऑडिट करवाने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के प्रिंसीपल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इससे विभाग को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कितने स्कूलों की हालत खस्ता है, ताकि रिपेयर के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। विभाग की टीम भी हर स्कूल का दौरा कर रही है और अगले सप्ताह तक इसे लेकर रिपोर्ट सबमिट की जाएगी।
राजस्थान की घटना के बाद पंजाब में कितने स्कूलों के भवन असुरक्षित है, यह पता लगाने के लिए सभी स्कूल प्रिंसिपल से रिपोर्ट मांगी गई है। यह रिपोर्ट जल्द तैयार कर ली जाएगी, ताकि स्कूलों में जरूरी रिपेयर के साथ एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
- अनिंदिता मित्रा, स्कूल शिक्षा सचिव, पंजाब।