पंजाब के युवा किसी भी तरह विदेश में जाकर बसना चाहते हैं। पंजाबी यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में सामने आया है कि मालवा के 79.20% युवा विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया उनकी पहली पसंद हैं और वहां जाने के लिए युवा आइलेट्स कर रहे हैं ताकि वैध तरीके से अपनी जिंदगी संवारने विदेश पहुंच सकें। नौजवान पीढ़ी का सिर्फ विदेश में ही भविष्य तलाशना चिंताजनक है। युवा सिर्फ रोजगार की तलाश में नहीं बल्कि पक्के बसने की चाह के साथ विदेश जा रहे हैं।
पीयू ने बरनाला, लुधियाना, पटियाला, मानसा और श्री मुक्तसर साहिब के गांवों में यह स्टडी की है जिसके अनुसार जनरल श्रेणी के 62 प्रतिशत लोग इन तीन देशों में जाकर बस रहे हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों के लोग अरब देशों का रुख कर रहे हैं। अनुसूचित जाति के 56% और पिछड़ी जातियों के के 47% लोग इन देशों में जा रहे हैं।
मालवा क्षेत्र में रोजगार संबंधी आंकड़ों के अनुसार 37.2% लोग जट्ट वर्ग से संबंधित, 22.3% पिछड़ी वर्गों से संबंधित और 31.2% लोग अनुसूचित जातियों से संबंधित सरकारी नौकरी कर रहे हैं। इसी तरह 33.6% जट्ट वर्ग से संबंधित, 27.3% पिछड़ी वर्गों से संबंधित और 54.2% अनुसूचित जातियों से संबंधित लोग निजी नौकरियों में कार्यरत हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अब गांव में लोग अपने पुस्तैनी पेशों से दूर हो रहे हैं।
सिर्फ विदेश जाने के लिए विवाह पंजीकरण
रिपोर्ट में सामने आया है कि 52.90% लोगों ने विवाह का पंजीकरण नहीं करवाया है। सिर्फ 47.10% लोगों ने ही विवाह पंजीकरण करवाया है ताकि विदेश जाते समय कोई अड़चन न जाए।
डिपोर्ट किए जाने वालों में सबसे अधिक पंजाब के शामिल
इस साल फरवरी और मार्च में अमेरिका ने अवैध रूप से वहां रह रहे लोगों को डिपोर्ट करने की कार्रवाई शुरू की थी जिसमें सबसे अधिक पंजाब के लोग शामिल थे। इस दौरान जांच के बाद कुल 333 लोगों को डिपोर्ट किया गया था जिसमें पंजाब के 126 और हरियाणा के 110 लोग शामिल थे।
पंजाब के युवा अपने पुश्तैनी पेशे छोड़ रहे हैं और भविष्य की तलाश में विदेश का रुख कर रहे हैं लेकिन यह स्थायी हल नहीं है। पंजाब में ही रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे और साथ ही युवाओं को पारिवारिक पेशे से जोड़ना होगा जिससे इस समस्या का स्थायी हल निकलेगा।
-सुरजीत सिंह, प्रोफेसर, पंजाबी यूनिवर्सिटी।